समर्थन मूल्य / किसान करते रहे मैसेज आने का इंतजार, इधर 9 दिन पहले ही 15 केंद्राें पर बंद कर दी खरीदी

The farmers kept waiting for the message to come, bought 9 centers already closed at 15 centers.
X
The farmers kept waiting for the message to come, bought 9 centers already closed at 15 centers.

  • केवल 5 केंद्रों पर की जा रही है खरीदी, 30 मई तक की जानी थी

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

डबरा. समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसान एसएमएस आने का इंतजार ही करते रहे, इधर शासन द्वारा ब्लॉक में संचालित 21 खरीद केंद्रों में से 15 केंद्रों पर खरीदी ही बंद कर दी है। कई किसान तो ऐसे भी हैं जिनके पास कुछ समय पहले एसएमएस आए थे, लेकिन वे उपज लाने में लेट हो गए। इसके चलते उनकी भी तौल नहीं हो पाई। खरीदी केंद्र बंद होने के चलते अब किसानों के आगे उपज बेचने को लेकर संकट पैदा हो गया है जबकि किसानों द्वारा बाकायदा पंजीयन कराए गए हैं। वहीं भितरवार क्षेत्र में पांच से दस दिन पुराने किसानों के पंजीयन निरस्त हो गए हैं, जिनका निराकरण नहीं हो पाया है।
शासन द्वारा इस बार 30 मई तक समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जानी थी। डबरा ब्लॉक में 21 केंद्रों पर खरीदी शुरू की गई थी। लेकिन समय से आठ दिन पहले ही शासन द्वारा 21 में से 15 केंद्रों पर खरीदी बंद कर दी गई है। इन केंद्रों का पंजीयन पोर्टल भी बंद करा दिया गया है। जबकि इन केद्रों के अंतर्गत आने वाले करीब एक हजार से अधिक किसान अभी भी एसएमएस आने का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा कई किसान ऐसे भी हैं जिनके पास एसएमएस तो पहले ही आ चुके थे, लेकिन वह उपज लेकर पांच दिन बाद आए तो उनकी अब तौल नहीं हो पा रही है। शनिवार को भी केंद्र पर कई किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे, लेकिन पोर्टल बंद होने के चलते उनको निराश होकर लौटना पड़ा। 

बड़े किसानों की एक ट्रॉली की हो पाई तौल
किसानों द्वारा अपनी पूरी उपज का पंजीयन कराया गया था लेकिन शासन के निर्देशानुसार एक बार मैसेज आने पर केवल एक ही ट्रॉली की तौल की गई। इसमें 20 से 25 क्विंटल गेहूं था। कई किसान ऐसे भी थे जिनके पास जमीन अधिक होने के चलते दस से बारह ट्रॉली उपज हुई थी। ऐसे किसानों के पास दोबारा से मैसेज ही नहीं पहुंचा और वे अपनी उपज ही नहीं बेच पाए। खास बात यह है कि इन किसानों ने पंजीयन होने के चलते मंडी में उपज नहीं बेची और अब केंद्र बंद किए जाने से वे अधर में लटक गए हैं।

तौल के लिए लेट हुए डाटा मिला गायब

भितरवार क्षेत्र में 27 केंद्रों पर खरीदी की जा रही है। इसके लिए किसानों को उनके मोबाइल नंबरों पर मैसेज भेजे गए लेकिन जो किसान देरी से पहुंचे, उनके पंजीयन रिकॉर्ड से निरस्त हो गए हैं। उनका रिकॉर्ड निल बता रहा है। ऐसे करीब एक हजार किसान जब केंद्रों पर फसल बेचने के लिए पहुंचे तो उनका रिकाॅर्ड ही नहीं मिला। इसके चलते इन किसानों की फसल की तौल नहीं हो पा रही है। चार दिन का समय बीतने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है जबकि किसानों के पास पंजीयन व मोबाइल के मैसेज भी हैं।

दूसरे किसानों के खातों में कराई तौल 

खरीद केंद्रों पर जो किसान देरी से पहुंचे, उनका ऑनलाइन डाटा नहीं होने के कारण उन किसानों की उपज की तौल तो करवा दी गई लेकिन उनकी उपज दूसरे किसानों के खाते पर तुलवाई गई है। ऐसे में अब किसानों को भुगतान को लेकर असमंजस बना हुआ है क्योंकि उनकी उपज का भुगतान उसी किसान के बैंक खाते में आएगा जिसके खाते पर तौल कराई गई है। इसको लेकर पूर्व में कुछ किसान प्रशासन को शिकायत भी कर चुके हैं। किसानों ने मनमानी के आरोप लगाकर जांच की मांग की थी और तौल कराने अपील की थी।

तौल कराने पहुंचे पर पंजीयन निरस्त बताया

  हमारा खुद का रजिस्ट्रेशन था लेकिन तौल के लिए मैसेज आया तो हम लेट हो गए क्योंकि किराए की ट्रैक्टर-ट्रॉली का इंतजाम करने में समय तो लगता ही है। तौल कराने पहुंचे तो पंजीयन निरस्त बता रहा था। इस वजह से दूसरे के खाते पर गेहूं चढ़ा दिया गया है। अब भुगतान में परेशानी आएगी। 
कुबेर सिंह राणा, किसान ग्राम बड़ेरा

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना