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विवाद:एक दूसरे के गांवों का पानी रोक रहे किसान मनमर्जी से तय किया जा रहा नहर का बहाव

डबरा10 महीने पहले
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  • पानी लेने की होड़ में किसानों के बीच हो रहे झगड़े, नहर तोड़ने वालों पर नहीं की जा रही कार्रवाई

नहर से पानी लेने की होड़ में अब किसानों द्वारा नहरों को फोड़कर अपने अनुसार उसका बहाव किया जा रहा है। खुद किसान ही एक दूसरे के गांव के पानी को रोक रहे हैं, जिसकी वजह से आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। वहीं हेड पोर्सन के दबंग किसानों की मनमानी से टेल पोर्सन तक 5 दिन बाद भी पानी नहीं पहुंच पाया है। मंगलवार को भी कुछ दबंग किसानों ने मस्तूरा के हार में डी 4 नहर को फोड़कर आगे के गांवों का पानी रोक दिया है। सूचना पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन कार्रवाई नहीं की, जिससे आक्रोशित किसानों का कर्मचारियों से विवाद भी हुआ।  दरअसल हरसी बांध से नहरों में विगत 8 जुलाई से पानी छोड़ा जा रहा है। कलेक्टर के निर्देशानुसार पहले टेलपोर्सन के किसानों को पानी पहुंचाया जाना था। इसके लिए नहर में 1100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लेकिन पांच दिन का समय बीतने के बाद भी अभी तक टेल पोर्सन तक पानी नहीं पहुंचा है, जिसकी वजह से टेकनपुर, चुरुली, माधौपुर, अकबई बड़ी, मसूदपुर, समूदन, सेकरा के अलावा पिछोर तथा उसके आसपास के चालीस से अधिक गांव के किसान पानी आने का इंतजार ही कर रहे हैं। पानी नहीं आनेे की वजह से इन गांवों के जिन किसानों ने धान की रोपनी की जा चुकी है उनकी फसल सूखने भी लगी है। इसके अलावा अन्य किसान भी रोपनी नहींं कर पा रहे हैं। करीब 30 हजार हेक्टेयर से ज्यादा खेतों में अभी रोपनी की जानी है।

राजनीतिक पहुंच वाले दबंग किसानों ने नहरों में डांट लगाकर रोका पानी, अन्य परेशान
बारिश नहीं होने की वजह से किसानों में पानी को लेकर होड़ लगी हुई है। जो छोटे किसान है या गरीब हैं उन्हें पानी मिल ही नहीं पा रहा है। गांवों के दबंग किसान जिनकी राजनीतिक पहुंच है वह अपने अनुसार नहरों का संचालन कर रहें हैं। यही कारण है कि वह नहर के पानी को डांट लगाकर रोक रहे हैं। इससे उनके खेतों के आगे वाले खेतों में पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। टेलपोर्सन तक पानी पहुंचाए जाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी भी निरंतर मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं।

नहरों को क्षतिग्रस्त करना कानूनी रूप से गलत है
नहरों काे तोड़ना या किसी भी तरह से क्षतिग्रस्त किया जाना कानूनी अपराध है। लेकिन अधिकारियों के क्षेत्र में न जाने के कारण किसान नहरों को जगह-जगह से तोड़ रहे हैं। इसके अलावा पंप लगाकर सीधे ही पानी भी ले रहे हैं। यही वजह है कि अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की और न ही मामला दर्ज कराया है।

डी-4 नहर को काटकर बदला पानी का बहाव
ग्राम मस्तूरा के हार में मंगलवार को कुछ दबंग किसानों ने आगे पानी नहीं जा पाए, इसके लिए डी 4 नहर को काटकर पानी के बहाव काे ही मोड़ दिया। इस वजह से ग्राम श्यामपुर, मारगपुर, किठोंदा, रही, सिंहारन, गढाजर आदि गांवों में पानी जाना बंद हो गया है। मौके पर पहुंचे किसानों तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच में झड़प भी हुई। किसानों का आरोप था कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते प्रभावशाली लोग नहर को काट रहे हैं। विगत रविवार रात को भी डी 6 नहर के पैता को फोड़ने का मामला भी सामने आया था।

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