परेशानी:सरकारी गोदामों में नहीं है डीएपी खाद बाजार में दुकानों पर कालाबाजारी शुरू

डबरा2 महीने पहले
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सरकारी गोदाम पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। दिनभर खड़े होने के बाद भी नहीं मिल रहा खाद। - Dainik Bhaskar
सरकारी गोदाम पर खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। दिनभर खड़े होने के बाद भी नहीं मिल रहा खाद।
  • किसानों को सरसों, चना और मटर की बोवनी के लिए डीएपी खाद की जरूरत
  • कृषि विभाग के अधिकारी बोले- आने वाली है रैक, नहीं रहेगी किल्लत

किसान रवी सीजन की फसलों की बोवनी की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन खाद लेने के लिए किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि डबरा भितरवार में खाद के लिए सरकारी गोदामों पर लंबी लाइन लग रही है। 2 दिन तक लाइन में लगने के बाद भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है।

इस बार डबरा और भितरवार अंचल में 85 हजार हेक्टेयर में रवि सीजन की फसलों का लक्ष्य है। अक्टूबर माह से बोवनी का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसके लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। डबरा और भितरवार में खाद के वितरण के लिए एक-एक केंद्र है।

यहां हालात यह हैं कि दो दिन तक लाइन में लगे होने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है। सरकारी गोदामों में पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदना पड़ रही है। किसानों का कहना है जब खाद की जरूरत है तब खाद नहीं मिलता और भारी परेशानी होती है।

किसान बोले- लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिला खाद का कट्‌टा

डबरा भितरवार के खाद केंद्र पर बुधवार को भी किसानों की लंबी लाइन लगी रही। कई किसानों का दो दिन तक लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया तो उन्होंने हंगामा कर दिया। किसानों का कहना था कि खाद केंद्र पर बैठे लोग अपने चहेतों को खाद बांट रहे हैं और आम किसानों को लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा है। किसान खाद केंद्र पर ही नारेबाजी करने लगे।

खाद की हो रही कालाबाजारी, किसानों ने एसडीएम से की शिकायत

खाद की किल्लत के साथ ही कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। स्थिति यह है कि प्राइवेट दुकानदार मौके का फायदा उठाकर डेढ़ सौ से ₹200 अधिक कीमत पर खाद की बोरी बेच रहे हैं। इस संबंध में किसानों द्वारा एसडीएम से भी शिकायत की गई है।

किसानों ने एसडीएम से शिकायत करते हुए कहा कि शासन रोड पर ऋषभ ट्रेडर्स पर खाद लेने पहुंचे तो प्रति बोरी डेढ़ सौ रुपए तक ज्यादा की मांग की गई। एसडीएम अश्वनी कुमार रावत द्वारा जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

एक महीने से नहीं आई रैक, कृषि अधिकारी बोले- डिमांड भेज चुके हैं

डबरा अंचल में 4 हजार टन डीएपी की जरूरत है। विभाग के पास स्टॉक में महज 50 टन ही डीएपी है। 6 हजार टन यूरिया की जरूरत है, लेकिन स्टॉक में महज 500 टन ही यूरिया है। वहीं भितरवार अंचल के लिए 6 हजार टन डीएपी की जरूरत है जबकि स्टॉक में 500 टन डीएपी है।

इसके साथ ही 7 हजार टन यूरिया की जरूरत है लेकिन महज 500 टन ही यूरिया ही उपलब्ध है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने खाद के लिए डिमांड भेज दी है और कुछ ही दिनों में रैक आने की उम्मीद है।

डिमांड भेजी है, दो दिन में खाद की रैक आने वाली है

खाद की रैक न आने के कारण खाद की किल्लत हो रही है। हमने पहले ही डिमांड भेज दी है। दो दिन में रैक आने की उम्मीद है। इसके बाद समस्या नहीं होगी।
पीएस राजपूत, कृषि विस्तार अधिकारी

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