वेदर अपडेट:कड़ाके की सर्दी में सुबह से गोदाम पर बैठे रहे महिला-पुरुष किसान, फिर भी नहीं मिला खाद

भितरवार5 दिन पहले
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खाद लेने के लिए शुक्रवार को सुबह से ही गोदाम पर पहुंचे किसान। बाद में ये किसान एसडीएम के आवास पर भी पहुंचे। - Dainik Bhaskar
खाद लेने के लिए शुक्रवार को सुबह से ही गोदाम पर पहुंचे किसान। बाद में ये किसान एसडीएम के आवास पर भी पहुंचे।
  • डबरा और भितरवार में एक दिन पहले पहुंचा 1200 टन खाद लेकिन किसानों को नहीं दिया गया

अंचल में हुई बारिश के चलते क्षेत्र में यूरिया खाद की डिमांड एकाएक बढ़ जाने की वजह से खाद की किल्लत पैदा हो गई है। खाद लेने के लिए सरकारी गोदाम पर किसानों की लंबी लाइन लग रही है। लेकिन इसके बाद भी पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा है। भितरवार सरकारी गोदाम पर तो स्थिति और भी ज्यादा खराब है।

शुक्रवार को गोदाम पर खाद तो आई लेकिन उसका वितरण केवल सहकारी समितियों को ही किया गया। वहीं महिला और पुरुष किसान सुबह से लेकर दोपहर तक गोदाम पर बैठे रहे। लेकिन खाद नहीं देने पर किसान सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचे यहां एसडीएम नहीं मिलने पर वह उनके घर पर पहुंच गए।

जिस पर एसडीएम ने खाद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। आखिर में किसानों को निराश होकर बिना खाद के ही लौटकर जाना पड़ा। दरअसल डबरा और भितरवार गोदाम पर शुक्रवार को 1200 टन यूरिया खाद आया जो सहकारी समितियों को दिया गया।

सुबह 6 बजे पहुंचे किसान
भितरवार गोदाम पर सुबह 6 बजे से ही खाद लेने के लिए किसानों की लाइन लगना शुरू हो गई थी। कड़ाके की सर्दी के बावजूद काफी संख्या में महिला किसान भी खाद लेने गोदाम पर पहुंची। लेकिन दोपहर 1:30 बजे तक खाद का वितरण नहीं किया गया। जिससे आक्रोशित होकर किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और घेराव किया।

एसडीएम ने दिया आश्वासन फिर भी नहीं मिला खाद
भितरवार एसडीएम के घर पर जब किसान पहुंचे तो एसडीएम अश्वनी कुमार रावत ने किसानों को समझाया कि वह गोदाम पर पहुंचेंे। वहां पर ही खाद दिया जाएगा। लेकिन किसान शाम तक खड़े रहे और गोदाम से पूरा खाद सहकारी समितियों को दे दिया । जिससे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा।

डबरा में समितियों को बांटा खाद, किसानों को नहीं
डबरा ब्लॉक के किसानों के लिए भी बुधवार को 500 टन सरकारी गोदाम और 400 टन प्राइवेट दुकानदारों के लिए खाद आया था। गोदाम से सहकारी समितियों को खाद दिया गया। लेकिन किसानों को खाद नहीं दिया गया। हालांकि जितनी डिमांड है, उतना खाद अभी नहीं आया है।

बारिश के चलते बढ़ी यूरिया खाद की डिमांड
अंचल में विगत दिनों हुई बारिश के चलते डबरा और भितरवार में यूरिया खाद की डिमांड काफी बढ़ गई है। क्योंकि गेहूं की फसल में पानी लगने के बाद यूरिया खाद का छिड़काव किया जाता है। वर्तमान में सभी किसानों को फसलों में देने के लिए यूरिया की जरूरत है। एक कारण यह भी है कि अतिवृष्टि के कारण खेतों में लगाया गया खाद पानी में बह गया। ऐसे में किसानों को दोबारा से खाद लगाना पड़ रहा है। यही वजह है कि जितने खाद की जरूरत है उतना खाद किसानों को नहीं मिल पा रहा है।

सहकारी समितियों से किसानों को मिलेगा खाद

गोदाम से सीधे सहकारी समितियों को खाद का वितरण कराया जा रहा है। जहां से किसानों को खाद मिलेगा। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े। -ओपी राजपूत, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, भितरवार

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