सेंवढ़ा पुल बहने से 18 गांवों की मुसीबत बढ़ी:5 किमी के लिए 65 किमी का लगाना पड़ रहा फेरा

दतिया2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • सिंध नदी का जल स्तर फिर से बढ़ने पर गांवों में अलर्ट, सैकड़ों लोगों को करना पड़ रहा रतजगा

बाढ़ की आपदा ने सेंवढ़ा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के 600 से अधिक परिवारों से उनका आशियाना छीन लिया है। पहले से परेशान लोगों की चिंता बीते 24 घंटे से जारी उस मुनादी ने बढ़ा दी। इसमें दोबारा बाढ़ आने की सूचना के साथ अपना-अपना घर खाली करने की हिदायत दी गई। कई लोग तो फिर से सड़क पर आ गए। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने घर खाली न करते हुए पूरी रात पानी की निगरानी की। लोगों में चिंता तनाव के साथ हताशा भी है।

सबसे अधिक परेशान उन 18 ग्रामों के लोग हो रहे हैं, जिनका जीविकोपार्जन तहसील मुख्यालय सेंवढ़ा से चलता था। सेंवढ़ा में सिंध नदी का पुल बहने के कारण नदी पार के इन ग्रामों के लोगों को 65 किमी का फेरा लगाना पड़ रहा है। यहां तक कि पुल के उस पार बने आश्रम क्षेत्र के लोगों को 100 मीटर दूर सेंवढ़ा आने के लिए भिंड जिले के अमायन, लहार क्षेत्र से होते हुए सेंवढ़ा आना पड़ रहा है। मंगरोल निवासी ऋषिकांत त्यागी जो कि सेंवढ़ा में एक कपड़े की दुकान का संचालन करते हैं। वह अब दुकान नहीं आ सकते। लिलवारी निवासी सोनू यादव जिनका दूध का व्यवसाय है और वह दूध लेकर सेंवढ़ा आते हैं उनको गांव में ही दूध खपाना पड़ रहा है। सेंवढ़ा नगर में नदी के उस पार से एक सैकड़ा से अधिक लोग नियमित दूध लेकर आते हैं।

वहीं सेंवढ़ा अनुभाग का सब्जी उत्पादन का केंद्र डिरोलीपार जो सेंवढ़ा मंडी के माध्यम से पूरे क्षेत्र को सब्जियां सप्लाई करता है, वहां से सब्जी आना बंद हो गया है। डिरोलीपार निवासी श्रीलाल कुशवाह बताते हैं कि उनके गांव में सब्जी खराब हो रहीं हैं तो दूसरी ओर सेंवढ़ा में हरी सब्जी की कीमतें बढ़ने लगी हैं। इसकी एक वजह नदी के सटे इलाकों में होने वाली सब्जियों का उत्पादन बंद होना भी है।
पानी ने सब कुछ खोखला कर दिया
हरप्रसाद राठौर के अनुसार उनके घर से सटी एक बड़ी दीवार गिरने को है, इसलिए वह रात को सो नहीं पाते। पानी ने सब कुछ खोखला कर दिया है।

8-8 पूड़ी के दो पैकेट देकर उड़ा रहे मजाक
गुमानपुरा निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार शुक्रवार को सेंवढ़ा न्यायालय में उनकी तारीख थी पर वह नहीं आ सके। क्योंकि उनके पास खुद का साधन है और सेंवढ़ा के लिए आने वाले आवागमन के साधन पुल टूटने के बाद बंद हैं। ऐसे लोग जिनके घर त्रासदी में नष्ट हो गए उनके लिए खाने के पैकेट बांटने का प्रशासनिक दावा कितना खोखला है इसकी पुष्टि करते हुए वार्ड नंबर एक निवासी श्याम किशोर शर्मा कहते हैं कि 8 लोगों के परिवार को 8-8 पूड़ी के दो पैकेट देकर गरीबों का मजाक उड़ाया जा रहा है। उनके वार्ड को 400 पैकेट चाहिए पर 100 से अधिक की सप्लाई नहीं आती। लोग आधा पेट खाना खाकर सो रहे हैं। बच्चे परेशान हैं।

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