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ग्रामीणों की सजगता:पोरसा खुर्द जिले का पहला गांव जहां शत प्रतिशत लोगों ने लगवाई कोरोना वैक्सीन

सेंवढ़ाएक महीने पहले
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पोरसा खुर्द में टीका लगवाती महिला। - Dainik Bhaskar
पोरसा खुर्द में टीका लगवाती महिला।
  • स्वास्थ्य विभाग ने कहा- सेंवढ़ा ब्लाॅक के पोरसा खुर्द में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन
  • गांव में 98 फीसदी उपलब्ध पात्र लोगों ने वैक्सीनेशन करवाया

सेंवढ़ा ब्लॉक का पोरसा खुर्द। यह जिले का पहला गांव हैं, जहां सर्वाधिक शत प्रतिशत वेक्सीनेशन हुआ है। हालांकि नौ लोग, टीकाकरण के लिए तैयार नहीं हुए। लेकिन बाकी सभी लोगों ने टीका लगवाया। जी हां यह हुआ गांव की एक टीम की वजह से। पोरसा खुर्द निवासी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश शर्मा ने परशुराम पटेल, ओमप्रकाश चौधरी एवं पवन शर्मा के साथ मिलकर ग्रामीणों को जागरूक किया। जिससे यहां टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। यहां गर्भवती, धात्री और अत्यधिक बीमार 22 अपात्रों के अलावा केवल 9 लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई। शेष सभी का वैक्सीनेशन हो गया है।

ग्रामीण क्षेत्र में वैक्सीनेशन को लेकर तरह तरह की अफवाहें रहती है। भ्रम के कारण कई ग्रामों में लोगों ने वैक्सीन लगवाने में रूचि नहीं दिखाई है। पर सेंवढ़ा ब्लाक के ग्राम पोरसा खुर्द में नजारा अलग है। यहां सेंवढ़ा ब्लाॅक की मलियापुरा पंचायत के ग्राम पोरसा खुर्द में 477 मतदाता हैं। यानि यह सभी 18 साल से अधिक हैं, इनमें से 416 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। हालांकि इनमें से 30 लोग ऐसे हैं, जो दूसरे प्रदेशों में काम धंधे के लिए निवास करते हैं। यानि गांव में 18 साल से अधिक के 447 लोग रहते हैं, जिसमें 22 लोग अपात्र की श्रेणी में आते हैं। 425 लोगों में से 56 लोगों द्वारा उस वक्त टीका लगवा गया, जब गांव में शिविर नहीं लगे थे। इनके द्वारा सेंवढ़ा, भगुवापुरा में आयोजित शिविर में वैक्सीन लगवाई गई।

शिविर में लोगों ने लगवाया टीका

गांव में शिविर लगते ही 5 जून को 162, 10 जून को 154 एवं 17 जून को 44 लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई। हालांकि लोग तैयार नहीं थे, लेकिन चंद्रप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में टीम ने ग्रामीणों को जागरूक किया। इस प्रकार गांव में 9 लोगोें को छोड़कर सभी ने वैक्सीन लगवाई। औसत देखें तो गांव में 98 फीसदी उपलब्ध पात्र लोगों ने वैक्सीनेशन करवाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के रिकाॅर्ड के अनुसार गांव में यह शत प्रतिशत वैक्सीन है। खुद ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर डाॅ. वीर सिंह खरे ने प्रेस नोट जारी कर शत प्रतिशत वैक्सीनेशन की जानकारी दी तथा बताया कि यह आंकड़ा औसत तौर पर जिले के किसी भी ग्राम में हुए वैक्सीनेशन से अधिक है।

स्थानीय निवासी चंद्रप्रकाश शर्मा जो कि सेंवढ़ा अभिभाषक संघ अध्यक्ष भी हैं, बताते हैं कि गांव के बहुत लोग सेंवढ़ा निवास करते है। उनके द्वारा उसी वक्त टीकाकरण करवा लिया गया था जब गांव में शिविर नहीं लगे थे। ग्रामीणों की मांग पर पहला शिविर 5 जून को लगा। गांव के लोगों ने खुद जागरूक होेकर एक दूसरे को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। पूरे गांव का बिलउआ हुआ। जैसे विवाह कार्यक्रम के लिए विलउआ यानि न्योता दिया जाता है। वैसे ही शिविर वाले दिनांक को लोगों के घर पर ढोंड़ी पिटवाकर बुलाया गया। यह सिलसिला तीनों सत्रों तक चला। बगैर किसी शासकीय समिति के गांव के चंद्रप्रकाश शर्मा, परशुराम पटेल, ओमप्रकाश चौधरी, पवन शर्मा ने लोगों को वैक्सीनेशन के फायदे बताए। दूसरी तरह बीएलओ के साथ पंचायत सचिव एवं महिला वाल विकास की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी काफी प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि अंतिम सत्र 17 जून को जब आयोजित हुआ तो बचे हुए लोगों के घरों पर ढोल बजवाकर उन्हें शिविर स्थल ले जाया गया।

दिगुवा-इंगुई में भी उत्साह

शत प्रतिशत टीकाकरण की ओर सेवढ़ा ब्लॉक के दो गांव तेजी से बढ़ रहे हैं। यह हैं दिगुवा और इंगुई। इनमें अब तक आयोजित टीकाकरण सत्रों में उपलब्ध वैक्सीन से अधिक लोग टीका लगवाने पहुंच रहे हैं और इसके कारण अन्य ऐसे शिविरों में जहां कम उपस्थिति होती है वहां से वैक्सीन इन दोनों ग्रामों में भेजी जाती है। यहां बता दे कि सेंवढ़ा ब्लॉक के अलावा दतिया ब्लॉक एवं भांडेर ब्लॉक के कई ग्रामों में अभी भी टीकाकरण को लेकर उतना उत्साह नहीं है जबकि सेवढ़ा ब्लॉक में दतिया की तुलना में कम सत्र आयोजित किए गए हैं अगर सेंवढ़ा में सत्रों की वृद्धि होती है तो टीकाकरण के मामले में यह ब्लॉक जिले का नंबर वन ब्लॉक बन जाएगा।

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