आंदोलन / कार्यालय हटाने का निर्णय नहीं बदला तो करेंगे आंदोलन- कांग्रेसी

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  • मां रतनगढ़ परियोजना का कार्यालय सेंवढ़ा से मौ शिफ्ट करने का विरोध कर रहे हैं व्यापारी व समाजसेवी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सेंवढ़ा. मां रतनगढ़ परियोजना का कार्यालय सेंवढ़ा से मौ ट्रांसफर होने के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। दोपहर 11 बजे सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी एवं कांग्रेसी कार्यकर्ता  तहसील परिसर में एकत्रित हुए, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कार्यालय यथावत रखने की मांग की गई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। वहीं आदेश के मुताबिक आज यानि 1 जुलाई को कार्यालय सेंवढ़ा से हट जाएगा। 
मंगलवार को सुबह कार्यालय परिवर्तित होने की जानकारी लोगों को मिली तो वह सड़क पर उतर आए सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ व्यापारी कांग्रेसी नेता एवं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर सेवढ़ा में तहसील प्रदर्शन किया। एक ज्ञापन तहसीलदार कल्पना कुशवाह को सौंपा गया। जिसमें जल संसाधन विभाग के आदेश क्रमांक 986 का विरोध किया। आवेदन में बताया है कि कार्यालय को मौ जिला भिंड में स्थानांतरित होने से सेंवढ़ा के लोगों के साथ अन्याय होगा। सेंवढ़ा क्षेत्रवासियों को उनके क्षेत्र में बन रही इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यालय से वंचित किया गया है। साथ ही परियोजना स्थल से 30 किलोमीटर दूर कार्यालय स्थापित कर नियमों का भी उल्लंघन किया है। ज्ञापन में कार्यालय यथावत रखने की मांग की गई है। ज्ञापन में आदेश निरस्त नहीं होने पर शासन प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं अन्य आंदोलन की चेतावनी दी गई। 
इस दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव अंजू शर्मा कांग्रेस के जिला महामंत्री सुल्तान खान, राजकुमार शर्मा एडवोकेट, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्यामू ठाकुर सामाजिक कार्यकर्ता शिव कुमार यादव, विक्की गुप्ता, अशोक राठौर, सुदीप यादव, इसरार खान, दिलीप बंसल, भारत बघेल, रामबाबू जाटव, हरिशंकर जयंत, नरोत्तम बघेल, ऋषि बघेल, कपिल शर्मा, राहुल चौरसिया, खुमान सुनकर तीस दुबे, अवधबिहारी प्रजापति, ज्ञान सिंह नागिल, सतेंद्र आदि मोजुड़ रहे।

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