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सख्ती:डीजे और बैंड की अनुमति न मिलने से कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे

सेंवढ़ाएक महीने पहले
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  • बैंड और डीजे बगैर मैरिज हाउस के मिल रही शादियों की अनुमति

कोरोना संक्रमण के दौरान लगभग पिछले एक माह से विवाह समारोह पर रोक थी। इससे पहले भी एक माह तक केवल 20 लोगों के साथ विवाह की अनुमति रही। इस प्रकार पिछले दो माह जो कि विवाह समारोह के लिए काफी महत्वपूर्ण थे। उनमें कार्यक्रम या तो स्थगित हुए या फिर लोगों ने औपचारिकता के लिए काफी संक्षिप्त में शादी का आयोजन घर पर ही पूरा किया। पर अब 50 लोगों की उपस्थिति में विवाह समारोह हो सकते हैं। ऐसे में शादी कार्यक्रमों के दौरान बैंड डीजे बजाने की मांग भी उठने लगी है।

बता दें कि दतिया के अलावा अन्य समीपस्थ जिले भिंड और ग्वालियर में विवाह समारोह के दौरान मैरिज हाउस से शादी करने तथा बैंड डीजे बजाने की अनुमति मिल रही है। पर दतिया जिले में पिछले दो माह से न तो मैरिज हाउस से शादी की अनुमति है और नहीं बैंड डीजे बजाने की। इस संबंध में सामाजिक संस्था जनजागरण मंच द्वारा एक पत्र दतिया कलेक्टर संजय कुमार को भेजा है। जिसमें उल्लेख किया कि एक एक बैंड के साथ दो दो दर्जन लेबर रहती है। ऐसे जिले में सैकड़ों बैंड डीजे हैं जिनके ऊपर आश्रित हजारों परिवारों की रोजी रोटी छिन गई है।

लगातार दूसरे वर्ष ऐसा होने के कारण कई लोगों के घर पर रोटी का संकट आ गया है। इस व्यवसाय में बैंड बजाने, रेड़ी चलाने तथा अन्य सजावट के सामान लेकर चलने वाले लोग काफी गरीब होते हैं जिनके लिए शादियों का सीजन ही वर्ष भर के भरण पोषण का आधार बनता है। कोरोना के चलते अभी तक सभी घरों में बैठे हैं पर अभी एक माह का समय और है जिनमें वैधानिक रूप से शादियां होगी। अगर उनमें सीमित समय और सीमित संख्या में बैंड डीजे संचालकों को बैंड बजाने की अनुमति दी जाती है तो कई परिवार भूखों मरने से बच जाएंगे।

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