पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नई व्यवस्था:मध्याह्न भोजन के लिए अब स्कूलों में ही उगाई जाएंगी सब्जियां

उनाव/सेंवढ़ा21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने शुरू की कवायद, स्कूलों में बनाए जा रहे डायनिंग हॉल

सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूल में टाटपट्टी पर बैठकर मध्याह्न भोजन करने वाले छात्र छात्राओं के लिए एक अच्छी खबर है। उन्हें अब जमीन पर बैठकर भोजन करने से निजात मिलने वाली है। स्कूल खुलने से पहले विद्यालयों के अतिरिक्त कक्षों में डायनिंग हॉल तैयार किए जाएंगे। इन डायनिंग टेबल का उपयोग सरकारी स्कूलों में नामांकित छात्र छात्राओं की पढ़ाई व भोजन दोनों के लिए किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इनके निर्माण की कबायद भी शुरू कर दी है।

सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं को दोपहर के समय पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए देश में मध्याह्न भोजन योजना की शुरुआत 1995 में हुई थी। उस समय योजना में लाभार्थियों के अभिभावकों को अनाज उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन 2004 में पका पकाया भोजन प्राइमरी स्कूलों में दिया जाने लगा। बाद में मिडिल स्कूल भी इस योजना की जद में आ गए। मध्याह्न भोजन योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाकर उन्हें पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना था।

मध्याह्न योजना में चार चांद लगाने के लिए अब सरकारी स्कूलों के एक अतिरिक्त कक्ष को डायनिंग हॉल में तब्दील किया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अत्येन्द्र सिंह गुर्जर के निर्देश पर उपयंत्रियों द्वारा अपने अपने क्षेत्र के स्कूलों में डायनिंग हॉल निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। इन डायनिंग हॉल का निर्माण व साजसज्जा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा की जाएगी।

खबरें और भी हैं...