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वनों का विस्तार:वन्य क्षेत्र के आधार हैं वृक्ष और उनकी रक्षा हमारा परम कर्तव्य: श्रोत्रीय

सेंवढ़ा14 दिन पहले
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शासन द्वारा वन्य क्षेत्र की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। वनों का विस्तार मानव जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। वन विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारी हों या फिर वन समितियों से जुड़े स्वयंसेवी सभी की जिम्मेदारी है कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाऐं। उनकी रक्षा करें। अपने जीवनकाल का उद्देश्य जंगल के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में सतत प्रयास करना रखें। शासन प्रशासन के निर्देशों के साथ साथ हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन स्वयं करें और अपने कर्तव्य का पालन करें।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सीएस श्रोत्रीय ने यह विचार रतनगढ़ माता मंदिर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन वन मंडलाधिकारी प्रियांशी राठौर के निर्देश पर किया गया। इस दौरान रतनगढ़ मंदिर परिसर में सेंवढ़ा वन परिक्षेत्र से जुड़े सभी डिप्टी रेंजर, वन रक्षक, तथा वन समिति सदस्य स्थाई कर्मी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत वृक्षारोपण के साथ हुई। तदुपरांत वन परिक्षेत्र सहायक सेंवढ़ा सुरेश चद्र शर्मा, डिरोलीपार हर किशुन पिरोनियां, इंदरगढ़ जगदीश सिंह कुशवाह, एवं थरेट रमाशंकर भदौरिया ने कार्यशाला को संबोधित किया। अंत में सहभोज का कार्यक्रम हुआ।

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