रिटायर मत्स्य अधिकारी ने आरटीआई के तहत मांगी जानकारी:आरटीआई के तहत जानकारी नहीं देने पर 67 हजार रुपए जुर्माना, एफआईआर की तैयारी हुई तो दे दिए दस्तावेज

दतियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शिवपुरी जिले के रिटायर मत्स्य अधिकारी ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी तो विभागीय अफसरों ने पहले जानकारी नहीं दी। यहां तक कि राज्य सूचना आयोग ने भी जानकारी न होना बताया। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने की नौबत आई तो पूर्व में जानकारी देने वाले अधिकारियों ने वही जानकारी उपलब्ध करा दी। जब इस बात का पता राज्य सूचना आयुक्त को पता चला तो आयुक्त ने गुमराह पर मत्स्य विभाग के तीन अफसरों पर 67 हजार का जुर्माना लगाया है। तीन में से एक अधिकारी हरदा जिले में पदस्थ है और शेष दो दतिया जिले में पदस्थ हैं।

जानकारी के मुताबिक मत्स्य विभाग से सेवानिवृत्त महेंद्र कुमार दुबे ने मत्स्य विभाग दतिया से आरटीआई के तहत 4 फरवरी 2014 को आवेदन लगाया। तत्कालीन लोक सूचना अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने से साफ इनकार कर दिया था। मामला राज्य सूचना आयोग में पहुंचा। यहां भी दस्तावेज गायब होने के संबंध में जवाब दिया तो राज्य सूचना आयुक्त ने 26 जनवरी 2016 को एफआईआर के आदेश दिए। एफआईआर से बचने के लिए दस्तावेज मिलने की बात सामने आई और केस दर्ज होने से बच गया। लेकिन गुमराह करने पर राज्य सूचना आयुक्त ने 28 अगस्त 2021 को आदेश जारी किया है।

जिसमें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक मत्स्य अधिकारी नितिन वर्मा पर 25 हजार रुपए, सहायक मत्स्य अधिकारी मत्स्य दतिया राजेश कुमार पाठक पर 17 हजार रुपए और सहायक संचालक मत्स्य दतिया अनिल अवस्थी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। इनमें नितिन वर्मा हरदा व राजेश व अनिल अवस्थी दतिया में पदस्थ हैं। एमके जैन ने बताया कि जुर्माने संबंधी कार्रवाई की कॉपी 6 दिसंबर 2021 को मिली है। दरअसल नितिन वर्मा व अनिल अवस्थी ने राज्य सूचना आयुक्त द्वारा लगाए जुर्माने को लेकर हाईकोर्ट ग्वालियर में याचिका दायर की है।

खबरें और भी हैं...