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नरवर में भ्रष्टाचार:10 साल पहले जिस ग्रामीण की मौत हो चुकी, उसके नाम पर भी बना दिया शौचालय

दतिया6 दिन पहले
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नरवर की ग्राम पंचायत ददिहायला में अधूरा शौचालय। - Dainik Bhaskar
नरवर की ग्राम पंचायत ददिहायला में अधूरा शौचालय।
  • सरपंच, सचिव ने नहीं बनवाए 75 शौचालय, निकाल लिया 9 लाख रुपए का फर्जी भुगतान
  • मामला नरवर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दिहायला का, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

सरकार भले ही स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों खर्च कर गांव- गांव में शौचालय बनवाने और पंचायतों को ओडीएफ किए जाने का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत यह है कि कई पंचायतों में सरपंच सचिवों ने मिलकर ग्रामीणों को मिलने वाली शौचालय की राशि ही हड़प ली और एक भी शौचालय नहीं बनवाया। ऐसा ही सरपंच सचिव का कारनामा नरवर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दिहायला में सामने आया है।

जहां 75 शौचालयों का निर्माण होना था। लेकिन सरपंच सचिव ने मिलकर एक भी शौचालय नहीं बनवाया और इन शौचालयों के निर्माण की 9 लाख की राशि हड़प ली। हद तो तब हो गई जब सरपंच सचिव ने एक मृतक के नाम भी शौचालय बना दिया जिसकी 10 साल पहले मौत हो गई थी। खासबात है कि इस संबंध में सरपंच -सचिव दोनों की शिकायत होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

ग्राम पंचायत दिहायला में 75 शौचालय हुए थे मंजूर जो बने ही नहीं
नरवर की ग्राम पंचायत दिहायला में स्वच्छता अभियान के तहत 75 शौचालय मंजूर हुए थे, जिनमें से प्रत्येक शौचालय के लिए 12 हजार के हिसाब से 9 लाख की राशि घर घर शौचालय बनाने के लिए ग्रामीणों को दी जानी थी। लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव ने मिलकर किसी भी ग्रामीण को शौचालय बनाने के लिए कोई राशि नहीं दी और ना ही गांव में कोई शौचालय बनवाया। ग्रामीणों के लिए जो 75 शौचालय मंजूर हुए थे, वह बने ही नहीं और सरपंच सचिव ने मिलकर 75 शौचालयों की 9 लाख की राशि का फर्जी भुगतान निकाल लिया।

इन ग्रामीणों के नहीं बने शौचालय
ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने गांव के जिन लोगों के शौचालय होना बताया है, उनके शौचालय मौके पर बने ही नहीं है। जबकि उनके नाम से सारी राशि निकालकर हड़प ली गई है। इसमें अशरफ खान, गौरी ढीमर, राम सिंह परिहार, रामस्वरूप ढीमर, मुकंदी जाटव, चिरौंजी, कल्लू, नत्थू, भगोना, अनंत, शुगर सिंह, नन्नू, कल्लू, मायाराम, पुनिया, जगदीश, छत्रपाल, रामदयाल, देवेंद्र, राजा, कप्तान बढ़ई सहित गांव के ऐसे 75 लोग हैं। जिनके नाम से शौचालय मंजूर हुए थे। लेकिन मौके पर बनवाए ही नहीं गए। साथ ही जो शौचालय मर्यादा अभियान के तहत बनाए गए थे, उन्हीं पर फोटो टैग कर पूरा भुगतान निकाल लिया। अब ग्राम पंचायत के यह ग्रामीण बगैर शौचालय के खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर बने हुए हैं। इस मामले मे जब पंचायत सचिव मनोहर रावत के मोबाइल नंबर 75093 20256 पर पक्ष जानने के लिए फोन लगाया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

मृतक के नाम बना दिया शौचालय
ग्राम पंचायत के पूरे मामले में हैरत की बात यह रही कि ग्राम के जो लोग जिंदा थे, उनको शौचालय बनवाने के लिए राशि नहीं मिली लेकिन ग्राम पंचायत का अजब सिंह पुत्र भागीरथ पाल एक ऐसा शख्स था जिसकी की साल 2011में मौत हो चुकी थी। लेकिन सरपंच सचिव ने वर्ष 2017 में शौचालय स्वीकृत होना बताया है। जिसमें शौचालय की 12000 की राशि भी निकाली गई है। जबकि मृतक अजब सिंह की पत्नी राजेश्वरी पाल को 12 सितंबर 2011 से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। जिसका आदेश प्रशासनिक अफसरों द्वारा जारी किया गया था। जिसका परिवार आईडी क्रमांक 27563321 है।

आरोप गलत है
^हमने जितने शौचालय बनाए हैं उतना ही भुगतान निकाला है। मृतक के नाम पर शौचालय नहीं बनाई है। आरोप गलत है।
अशोक रावत, सरपंच पति
जांच करवा लेते हैं

^ग्राम पंचायत पार्टीबंदी है। इसके चलते वह शिकायत होती रहती हैं। आप जानकारी मुझे भेज दो, मैं जांच करवा लेता हूं।
एलएन एप्पल, जनपद सीईओ नरवर

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