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ये हैं कोरोना स्प्रेडर:मुख्य मार्गों तक ही सीमित प्रशासनिक कार्रवाई, गली-कॉलोनियों में खुल रहीं दुकानें, जुट रही भीड़

दतियाएक महीने पहले
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कलापुरम पर हेयर कटिंग दुकान से बाहर निकलते ग्राहक। - Dainik Bhaskar
कलापुरम पर हेयर कटिंग दुकान से बाहर निकलते ग्राहक।
  • गलियों में खुल रहीं किराना, मांस, मछली की दुकानें, नहीं हो रही कार्रवाई

कोरोना महामारी जिले के हर गली मोहल्ले, हर गांव, कस्बे में फैल चुकी है। जिले का ऐसा कोई गांव, ऐसा कोई कस्बा की गली मोहल्ला नहीं पहुंचा है जहां कोरोना संक्रमित मरीज न हों। लेकिन जिला प्रशासन की सख्ती शहरी और नगरीय इलाकों में मुख्य मार्गों तक ही सिमट कर रह गई है। शहर में ही गली मोहल्लों, कॉलोनियों व आबादी क्षेत्रों में किराने से लेकर मांस, हेयर कटिंग की गैर जरूरत वाली दुकानें तक खुल रही हैं और भीड़ भी पहुंच रही है।

लेकिन कार्रवाई सिर्फ मुख्य मार्गों के दुकानदारों तक ही सीमित है। कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए आबादी क्षेत्रों में खुल रहीं दुकानों पर सख्ती होना आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा शहर में घूमने के लिए कई विभागों के अफसरों, कर्मचारियों को भी लगाया गया है लेकिन वे भी मुख्य मार्गों पर ही एनाउंसमेंट करते हुए नजर आते हैं।

कोरोना महामारी को लेकर लगे कोरोना कर्फ्यू को एक महीना होने को है। अब जाकर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या थोड़ी कम होती नजर आई है। शुरूआत में कभी 200 तो कभी ढाई सौ कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे थे। जिसके चलते जिला प्रशासन ने बाहरी लोगों का शहर में प्रवेश बंद करते हुए शहर के शाॅर्टकट रास्तों पर जेसीबी से खंतियां खुदवा दीं और मुख्य मार्गों पर चेकपोस्ट भी लगा दिए। ताकि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का नाम व पता रजिस्टर में दर्ज किया जा सके।

अनावश्यक घूमने वालों पर भी सख्ती बढ़ी है। खुद कलेक्टर संजय कुमार और एसपी अमन सिंह राठौड़ दल बल के साथ सुबह-शाम बाजार में घूम रहे हैं। राह चलते लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग समेत अन्य विभाग प्रमुखों, कनिष्ठ अधिकारियों को भ्रमण करने, निगरानी रखने के लिए लगाया गया है। शिक्षा विभाग के शिक्षकीय व लिपिकीय स्टाफ को कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों पर तैनात किया गया है। ताकि पॉजिटिव मरीज अथवा उसके घर का कोई सदस्य बाहर न निकले।

खुली दुकानों से वसूल रहे जर्माना, लोग हैं कि मानते ही नहीं
गैर जरूरी दुकानें बुंदेला कॉलोनी, हीरानगर कॉलोनी, बस स्टैंड बायपास, गंजी हनुमान मंदिर के पीछे, उनाव रोड, ग्वालियर-झांसी हाइवे, पंचशील कॉलोनी, राजघाट कॉलोनी, शहर के अंदर होलीपुरा, खजांची मोहल्ला, सायनी मोहल्ला, गाड़ीखाना मार्ग, आनंद टॉकीज के पास, रिछरा फाटक, बासन का पुरा, चूनगर फाटक आदि इलाकों में पूरे दिन खुलीं देखी जा सकती हैं। शुक्रवार को सुबह टाउनहॉल पर मुख्य मार्ग पर किराना दुकान खुली होने पर एसीईओ धनंजय मिश्रा ने 2100 रुपए का जुर्माना वसूल किया। जबकि कलापुरम पर एक हेयर कटिंग दुकान खुली होने और उसके अंदर लोगों की भीड़ होने पर बंद कराकर नोटिस जारी किया गया।

गलियों में खुल रहीं गैर जरूरी दुकानें, घरों से बेच रहे मीट, चिकन और मछली
कलेक्टर के स्पष्ट आदेश हैं कि किराना सामान और दूध की होम डिलेवरी होगी। सिर्फ मेडिकल स्टोर ही खुल सकेंगे। बाजार के मुख्य मार्गों पर संचालित किराना स्टोर से होम डिलेवरी हो भी रही है और दूधिए भी होम डिलेवरी कर रहे हैं। लेकिन गली मोहल्लों में किराना की दुकानें पूरे दिन खुल रही हैं और इन दुकानों पर पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। यही नहीं साहनी मोहल्ले में मीट, चिकिन, मछली का मांस घरों और दुकानों से बेचा जा रहा है। इसके अलावा हेयर कटिंग दुकानदार भी गलियों में दुकानें खोलकर बैठे नजर आते हैं। जबकि ये दुकानें गैर जरूरी सामान में शामिल हैं।

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