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विरोध प्रदर्शन:अपनी मांगों को लेकर आशा, ऊषा और सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने दिया ज्ञापन

भांडेर17 दिन पहले
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  • मानदेय और अन्य आवश्यक भत्तों की मांग प्रमुखता से उठाई

आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ ने स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक रक्षा सिरोनिया को सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से एनएचएम के अंतर्गत कार्य कर रही। कुशल एवं प्रशिक्षित स्वास्थ सेवा प्रदाता आशा उषा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ता जिन्होंने कोविड-19 महामारी के इस दौर में भी अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर बगैर किसी सुरक्षा संसाधन एवं बगैर सम्मान जनक पारिश्रमिक के ही स्वास्थ्य सेवा का जो उत्कृष्ट कार्य किया है जिसकी राज्य सरकार के द्वारा सदैव अनदेखी की जाती रही है। कार्य के अनुरूप की जा रही मांगों का आज तक निराकरण नहीं किया जा रहा।

आशा, ऊषा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में मांग की कि उनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, तब तक आशा, ऊषा कार्यकर्ताओं को 18 हजार व सहयोगिनी कार्यकर्ताओं को 24 हजार मानदेय निश्चित किया जाए। कोविड अंतर्गत काम करने वाली आशा एवं सहयोगी कार्यकर्ता को इलाज खर्च, दस हजार रुपए सुरक्षा सामग्री एवं परिवार जन की अनुकंपा नियुक्ति करने का नियम बनाया जाए, इसके अलावा कार्यकर्ताओं के साथ हो रही अभद्रता रोकने के लिए कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया जाए।

योग्यता रखने वाली आशा ऊषा एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर एएनएम के पद पर नियुक्त किया जाए। 15 से 20 गांव में भ्रमण करने पर अन्य कर्मचारियों की तरह यात्रा भत्ता दिया जाए। दुर्घटना, मृत्यु अन्य अपंगता पर अन्य कर्मचारियों की तरह पांच लाख रुपए एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। अन्य कर्मचारियों की तरह बीमारी, प्रसव व अन्य आकस्मिक अवकाश पर मेडिकल प्रस्तुत करने पर पूरा मानदेय दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अनीता साहू, सीतेश, सरिता, सुनीता पाराशर, वन्दना गुप्ता, सोम सिरवैया, आशा सोनी, अर्चना देाहरे, सीमा पांचाल, ममता पांचाल सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रही।

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