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लापरवाही:एक महीने से बायपास पर पड़ी गिट्‌टी, डामर बिछवाना तो दूर अफसर देखने तक नहीं आए

दतिया8 महीने पहले
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बस स्टैंड बायपास पर पड़ी गिट्‌टी से वाहन चालक हो रहे चोटिल। - Dainik Bhaskar
बस स्टैंड बायपास पर पड़ी गिट्‌टी से वाहन चालक हो रहे चोटिल।
  • अफसरों के पास उखड़ी सड़कों को देखने तक का समय नहीं, लोग का निकलना दूभर

शहर के लोग धूल, गिट्‌टी और गहरे-गहरे गड्ढों के कारण रोजाना परेशान हो रहे हैं। जितनी बार खराब सड़कों से निकलते हैं उतनी बार परेशान होते हैं। लेकिन जिन अफसरों पर उखड़ी हुई सड़कों के मरम्मत करने का जिम्मा है उन्हें फुरसत ही नहीं है। बस स्टैंड बायपास का ही यही हाल है। एक महीने पहले बायपास के गड्ढों में गिट्‌टी भरवाई गई थी लेकिन तब से लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने गिट्‌टी के ऊपर डामर नहीं डलवाई। अफसर हमेशा रटा हुआ जवाब देते हैं कि दिखवाते हैं। लेकिन होता कुछ नहीं है।

उनाव रोड से कलापुरम तक बना बस स्टैंड लोक निर्माण विभाग के अफसरों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2010-11 से वर्ष 2017 तक यह बायपास दो बार बनकर तैयार हो चुका है और कई बार मेंटेनेंस हो चुका है। लेकिन फिर भी सड़क की हालत इन दिनों ऐसी है जैसे कभी सड़क बनी ही न हो। पग-पग पर गड्‌ढे और जगह-जगह पड़ी आधा इंच मोटी गिट्‌टी सड़क की स्थाई पहचान बन गए हैं।

आसपास रहने वाले लोग भारी वाहनों के पीछे उड़ती धूल से तो परेशान हैं ही साथ ही वाहनों के पहियों से उचटकर गिट्‌टी लगने का भी डर रहता है। बापा साहब के बाग से कलापुरम तक पूरा सड़क मार्ग खराब पड़ा है। एक महीने पहले पीडब्ल्यूडी ने गारंटी सीमा वाली इस सड़क के गड्ढों में गिट्‌टी तो भरवा दी थी लेकिन डामर आज तक नहीं डल सका। जिससे गड्ढों के बाद अब गिट्‌टी लोगों को तकलीफ दे रही है।

खास बात यह है कि विभाग के उपयंत्रियों की जिम्मेदारी रहती है कि वे उनके विभाग द्वारा बनवाई गई सड़कों की लगातार मॉनीटरिंग करें। अगर कोई सड़क उखड़ रही है और समय सीमा में है तो उसका मेंटेनेंस कराएं, अगर समय सीमा निकल चुकी है तो उसका पुन: निर्माण का इस्टीमेट बनाकर वरिष्ठ अफसरों के पास भेजें। निर्माण के दौरान मटेरियल की क्वालिटी से लेकर काम पूरा होने तक की जिम्मेदारी भी रहती है, लेकिन उपयंत्रियों के पास इसके लिए वक्त ही नहीं है।

अफसरों को फिक्र नहीं है
बायपास की आज जो दुर्दशा है वह यहां के अफसरों की लापरवाही के कारण है। अधिकारी कभी देखने नहीं आते हैं। पूरी सड़क उखड़ी पड़ी है और आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन अफसरों को किसी की जान की फिक्र नहीं है।
दीपू यादव, बस स्टैंड बायपास

वाहन चालक हो रहे जख्मी
बस स्टैंड बायपास पर गिट्‌टी डाल दी है जिससे दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां गिट्‌टी डालकर जिम्मेदार यह भूल गए कि इसे कूटा भी जाता है। अफसराें का इस ओर ध्यान ही नहीं है। राहगीरों को परेशानी हो रही है। हैं।
सुभाष, स्थानीय निवासी

पांच साल में तीन लोग गवां चुके हैं जान
बस स्टैंड बायपास पर खाती बाबा कॉलोनी के सामने से कलापुरम तक सिर्फ गड्‌ढे और धूल है। कमला मैरिज गार्डन से फिल्टर प्लांट तक डामर का कहीं नामोनिशान तक दिखाई नहीं दे रहा है। वाहन आड़े तिरछे होकर चलते हैं जिससे अक्सर सड़क दुर्घटना का डर रहता है। पूर्व में हीरानगर कॉलोनी के सामने एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट चुकी है। गड्‌ढे की वजह से ही पांच साल पहले एक महिला की बाइक से उचटकर ट्रक के नीचे कुचलने से मौत हो गई थी। यही नहीं दो साल पहले डगरई निवासी एक मजदूर की भी मौत भी गड्ढों के कारण कलापुरम के पास हो चुकी है। यही नहीं मामा के डेरा के सामने गड्‌ढे में बाइक फिसलने से एक शिक्षक की भी मौत हो गई थी। अभी भी लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है यही कारण है कि सड़क का मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है।

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