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पहल:किला चौक पार्क की वर्षगांठ पर काटा केक, उपहार में दिए पौधे

दतियाएक महीने पहले
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केक काटते अतिथि। - Dainik Bhaskar
केक काटते अतिथि।
  • समाजसेवियों ने कहा- आप जिद कर शहर को हराभरा बनाने के लिए एक पेड़ जरूर लगाएं
  • पार्क की वर्षगांठ समारोह में कलेक्टर, एसपी और जनप्रतिनिध भी हुए शामिल

आमतौर पर लोग अपना, अपने बच्चों या परिजन के जन्म या शादी के साथ मकान, भवन में गृह प्रवेश की वर्षगांठ मनाते हैं। लेकिन शहर में बुधवार को किला चौक पार्क की वर्षगांठ अनोखे अंदाज में मनाई गई। सार्वजनिक आयोजन कर प्रशासनिक व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पार्क की वर्षगांठ पर केक काटा गया।

इसके बाद किला चौक से निकलने वाले पहले सौ व्यक्तियों को एक-एक पौधा भेंट कर लोगों को पौधरोपण व पेड़ लगाने के लिए जागरूक भी किया गया। समाजसेवी डॉ. राजू त्यागी ने नारा दिया। मैंने जिद कर पार्क को हरा भरा किया। आप जिद कर शहर को हरा भरा बनाने के लिए एक पेड़ जरूर लगाए।

बुधवार को समारोह पूर्वक पार्क की वर्षगांठ मनाई गई। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कलेक्टर संजय कुमार, एसपी अमन सिंह राठौड़, भाजपा नेता विवेक मिश्रा, परिणीता राजे मौजूद रहीं। अतिथियों की मौजूदगी में पहले केक काटा गया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों को एक एक पौधा उपहार के रूप में दिया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. त्यागी ने एक मिसाल पेश की है। आज ऐसे ही लोगों की जरूरत है। ताकि शहर हराभरा हो सकें। कार्यक्रम में रमेश गंधी, मनोज तिवारी, राजेश त्यागी, अंकुश दांगी, श्रीमोहन सुहाने, महेश दुबे, परशुराम श्रीवास्तव, शलज तिवारी, रंजना भटनागर, सुनीता गंधी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

एक साल पहले पार्क स्थल पर कचरा फेंका जाता था, वर्तमान में यहां लोग हरियाली के बीच सेल्फी खींचते नजर आते हैं

बता दें कि 1 साल पहले किला चौक पार्क पूरी तरह से उजड़ा था। लोग उसका उपयोग कचरा फेंकने के लिए कचरादान या फिर मूत्रालय के रूप में करते थे। 7 जुलाई 2020 समाजसेवी डॉ. राजू त्यागी ने इस पार्क को अघोषित रूप से गोद लिया। इस दिन पहला गड्‌ढा खोद कर पौधरोपण किया। आज किला चौक पार्क प्रशासनिक अधिकारी हो या फिर जनता सभी में चर्चा का विषय है। लोग पार्क में सेल्फी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी में भी पार्क हरा भरा है। यह सब संभव हुआ त्यागी की मेहनत व लगन से। पार्क को विकसित करने के लिए न तो प्रशासनिक मशीनरी उपयोग किया गया और न ही किसी योजना या मदद का।

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