तापमान 6 डिग्री, सीजन की सबसे ठंडी रात:दिन का पारा 24 डिग्री, धूप खिलने से फिलहाल राहत, पत्तों पर सुबह देर तक दिख रही ओस

दतियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रात में ओस गिर रही है जो सुबह फसलों पर जमी हुई देखी जा सकती है। - Dainik Bhaskar
रात में ओस गिर रही है जो सुबह फसलों पर जमी हुई देखी जा सकती है।
  • मौसम विशेषज्ञ बोले- अब दो दिन राहत, 16 दिसंबर से फिर गिरेगा तापमान

जिलें में सर्दी का असर बढ़ने लगा है। दिन में धूप खिलने से फिलहाल कड़ाके की सर्दी का अहसास कम है लेकिन रात को गलनभरी सर्दी पड़ रही है। रविवार-सोमवार की रात सीजन की सबसे ठंडी राहत रही। सोमवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। सिर्फ 13 दिसंबर की बात करें तो वर्ष 2015 में रात का तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया था।

मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अब दो दिन क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। हल्के बादल छाएंगे। इससे दिन के तापमान में गिरावट और रात का तापमान में बढ़ोतरी होगी। 16 दिसंबर से फिर सर्दी जोर पकड़ेगी। अभी सर्दी के कारण हालत यह हैं कि शाम 7 बजे के बाद सड़कें सूनी होने लगती हैं।

मौसम विभाग ग्वालियर के वैज्ञानिक डॉ. सीके उपाध्याय बताते है कि उत्तरी शुष्क हवा के कारण तापमान में गिरावट हो रही है लेकिन मंगलवार से दो दिन सर्दी से राहत मिलेगी। डॉ. उपाध्याय के अनुसार 16 दिसंबर से फिर तापमान में गिरावट शुरू होगी और सर्दी बढ़ेगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह के अनुसार, सर्दी बढ़ना रबी फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे पैदावार अच्छी होगी। फसलों को नमी व ठंडक मिलने से वह अच्छी ग्रोथ करेंगी।

मौसम विशेषज्ञ बोले- अब दो दिन राहत, 16 दिसंबर से फिर गिरेगा तापमान

ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा

रबी सीजन में फसलों के लिए ठंड का बढ़ना आवश्यक है, खासकर गेहूं की फसल के लिए। जिले में रबी फसलों की बोवनी का लक्ष्य 2 लाख 27 हजार हेक्टेयर रखा गया था। इसमें से गेहूं का रकबा 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर के करीब पहुंच गया है। अब सिर्फ 10 प्रतिशत बोवनी और शेष रह गई है। जिन किसानों की धान की फसल की कटाई देरी से हुई है, वे ही किसान गेहूं की फसल की बोवनी के लिए रह गए हैं।

20 दिसंबर तक रबी सीजन की बोवनी पूरी होने की उम्मीद है। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। वैज्ञानिक मानते हैं कि ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल अच्छी तरह ग्रोथ करती है। ग्रोथ के साथ पौधा भी मजबूत होता है। इसके अलावा सिंचाई में पानी भी कम लगता है। एक बार पानी देने पर दूसरी बार सिंचाई करने पर कम से कम 15 से 20 दिन का समय लग जाता है।

नपा ने नहीं जलवाए अलाव

नगर पालिका हर साल सर्दी बढ़ने पर शहर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाती थी लेकिन इस साल गलन भरी सर्दी शुरू होने के बाद भी अलाव नहीं जलवाए हैं। अलाव जलने से आम लोगों को राहत के साथ आवारा मवेशियों को भी गर्माहट मिलती है।

13 दिसंबर की बात करें तो साल 2015 को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक गिर गया था। वर्ष 2016 में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री, वर्ष 2017 में 13.8 डिग्री, वर्ष 2018 में 7.7 डिग्री, वर्ष 2019 में 15.7 डिग्री और वर्ष 2020 में 14.2 डिग्री दर्ज किया गया था। 13 दिसंबर 2021 को 6 डिग्री दर्ज हुआ।

रिकाॅर्ड: साल 2011 में माइनस 1.5 डिग्री पर पहुंचा था पारा
2011 में जिले में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी। 7 जनवरी 2011 को न्यूनतम पारा पहली बार माइनस 1.5 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। इसके बाद 10 साल में न्यूनतम पारा इतना कम कभी नहीं हुआ। इस सीजन में अभी ठंड बढ़ेगी। अभी सर्दी के दो माह शेष हैं।

12-13 दिसंबर की रात वर्ष 2015 के बाद सबसे ठंडी

13 दिसंबर की बात करें तो साल 2015 को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री तक गिर गया था। वर्ष 2016 में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री, वर्ष 2017 में 13.8 डिग्री, वर्ष 2018 में 7.7 डिग्री, वर्ष 2019 में 15.7 डिग्री और वर्ष 2020 में 14.2 डिग्री दर्ज किया गया था। 13 दिसंबर 2021 को 6 डिग्री दर्ज हुआ।

13 दिसंबर को 9 साल का पारा
वर्ष-----अधिकतम-----न्यूनतम

2014----20.8--------11.8
2015----23.5--------3.8
2016----30----------9.8
2017----21.7--------13.8
2018----22.0--------7.7
2019----23.5--------15.7
2020----21.0--------6.0
2021----24.0--------6.0
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में।

रिकाॅर्ड: साल 2011 में माइनस 1.5 डिग्री पर पहुंचा था पारा
2011 में जिले में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी। 7 जनवरी 2011 को न्यूनतम पारा पहली बार माइनस 1.5 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। इसके बाद 10 साल में न्यूनतम पारा इतना कम कभी नहीं हुआ। इस सीजन में अभी ठंड बढ़ेगी। अभी सर्दी के दो माह शेष हैं।

खबरें और भी हैं...