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नि:शुल्क प्रशिक्षण:अनुपयोगी वस्तुएं फेंकें नहीं, उनसे घर सजाएं, शहर भी स्वच्छ होगा

दतिया11 दिन पहले
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महिलाओं को बेकार चीजों से गुलदस्ते बनाने का दे रहे प्रशिक्षण। - Dainik Bhaskar
महिलाओं को बेकार चीजों से गुलदस्ते बनाने का दे रहे प्रशिक्षण।
  • जन शिक्षण संस्थान दे रही प्रशिक्षण, खाली बोतल, न्यूज पेपर, पॉलिथीन से बना सकेंगे फ्लावर पॉट

घर में हर दिन अनुपयोगी वस्तुएं निकलती है। हम इन्हें सड़कों पर फैंक देते हैं। जिससे शहर गंदा होता है। लेकिन अगर आप यह जानते है कि किस वस्तु का क्या और कैसे उपयोग हो सकता है तो आपका घर आकर्षक बन सकता है। जनशिक्षण संस्थान द्वारा घर की अनुपयोगी वस्तुओं से आकर्षक फ्लावर पॉट, डोरमेट, पर्दा आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगर लोगों ने अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करना शुरू कर दिया तो शहर तो स्वच्छ होगा ही, आपका घर भी बगैर किसी खर्चे के सुन्दर नजर आएगा।

वर्तमान में आमतौर पर अधिकांश घरों में पानी की बोतल, न्यूजपेपर, पॉलीथिन, पुराने कपड़े अनुपयोगी होने पर फैंक दिए जाते हैं। कोई इन्हें सड़क पर फैंकता है तो कोई आसपास लगे गंदगी के ढेरों पर। इससे शहर में गंदगी बढ़ती है। जन शिक्षण संस्थान की डायरेक्टर निधि तिवारी के अनुसार इन्हें उपयोगी बनाया जा सकता है।

संस्थान द्वारा इन दिनो अपने विशेष स्वच्छता अभियान के तहत ऐसी अनुपयोगी वस्तुओं से घर को सजाने की सामग्री बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। निधि के अनुसार खाली बोतलों से फ्लावर पॉट बनाए जा सकते है। कपड़े की कतरनों या पुराने कपड़ों से पैरदान, कुशन तो हर दिन घरों में आने वाली पॉलीथिन से पर्दा बनाए जा सकते हैं। घर में निकलने वाली अन्य अनुपयोगी सामग्री से अन्य वस्तुएं बनाई जा सकती है। जिनसे घर को सजाया जा सकता हैं।

शहर की महिलाएं नि:शुल्क ले सकेंगी प्रशिक्षण, पौधों का संरक्षण भी सिखाएंगे

जन शिक्षण संस्थान में इसका नि:शुल्क प्रशिक्षण लिया जा सकता है। संस्थान की डायरेक्टर निधि के अनुसार महिलाओं को बोतल, न्यूज पेपर से फ्लॉवर पॉट, पाॅलिथीन से डोरमेट बनाना, कागज के फ्लॉवर बनाना, छोटे-छोटे कपड़ों की कतरन से कुशन कवर, पैरदान, पानी की डिस्पोजल बोतल से छोटे-छोटे लटकाने वाले सुन्दर गमले बनाना, फ्लॉवर बनाना, तेल, डीजल, की कट्टी से गमले बना कर उनमें पौधे लगाना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शहर की इच्छुक महिलाओं काे इसका नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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