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चोरी की बिजली से मौज:चोरी करने वालों पर मेहरबान बिजली कंपनी लोड बढ़ने से घंटों हो रही बिजली कटौती

दतिया11 दिन पहले
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  • ईमानदार उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा कटौती का दंश, आंकलित खपत का भी भार

शहर में बिजली ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहे लोड के कारण नियमित बिजली बिल जमा करने वालों को 24 घंटे में 15-16 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि बिजली कंपनी बिजली चोरी करने वाले लोगों पर मेहरबान है। इसका जीता जागता उदाहरण उनाव रोड स्थित मम्मा जू का बाग में देखने को मिलता है।

यहां बेतहाशा कटिया तार और वह भी चोरी से डाले गए हैं। यहां इतनी ज्यादा बिजली चोरी हो रही है कि इस पूरे क्षेत्र में बिजली सप्लाई करने वाला ट्रांसफार्मर बार-बार बस्ट हो रहा है जिस कारण उनाव रोड, बस स्टैंड बायपास, मंडी के पीछे करीब 20 हजार से अधिक आबादी परेशान है। लंबे समय से यहां कटौती की समस्या बनी हुई है।

शहर के भांडेर रोड, मम्मा जू का बाग, हीरानगर कॉलोनी, सिद्धार्थ कॉलोनी, सेंवढ़ा रोड आदि इलाकों में विकसित हुईं कॉलोनियों में उमस भरी गर्मी में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। लोग कटिया तार डालकर न केवल बिजली चोरी से जला रहे हैं बल्कि चोरी की बिजली से हीटर भी जला रहे हैं। दो सौ रुपए में बाजार में मिलने वाले हीटर से एक से दो हजार किलोवाट बिजली खर्च की जा रही है।

इसका असर ट्रांसफार्मरों पर बढ़ रहे ओवरलोड के रूप में देखने को सामने मिल रहा है। आए दिन ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरा फीडर बंद कर दिया जाता है और बिजली कंपनी कर्मचारियों को ट्रांसफार्मर सुधारने के लिए घंटों मशक्कत करना पड़ती है। खास बात यह है कि वर्तमान में भीषण गर्मी पड़ रही है। उमस भरी गर्मी में एक पल बिन बिजली के रह पाना मुश्किल हो जाता है। पानी की खपत बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय जहां निजी मोटरपंप चलाकर लोग पानी भरते हैं तो जब बिजली रहती है तब न केवल कूलर, पंखे बल्कि ऐसी भी चल रहे हैं।

एक हजार से अधिक घरों में बिजली चोरी

शहर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी उनाव रोड स्थित मम्मा जू का बाग में हो रही है। यहां पांच सौ से ज्यादा मकान बने हैं लेकिन पांच मकानों में भी बिजली के वैध कनेक्शन नहीं होंगे। गली में मुख्य मार्ग पर लगे बिजली के खंबे से कटिया तार इतनी ज्यादा संख्या में डाले हैं कि दूर से ही मकड़ी के मकड़जाल जैसा नजारा देखने को मिलता है।

डेढ़ साल पहले इसी मकड़जाल में से बिजली का तार टूटने से एक बोरवेल कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई थी। यही नहीं आए दिन करंट से मवेशियों की मौत हो जाती है। तार इतने ज्यादा डाले हैं कि अगर किसी के घर का तार टूट जाए तो उसे अपना तार ढूंढने में ही घंटों लग जाता है और जब वह अपना तार जोड़ता है तो दूसरे घर की बत्ती बुझ जाती है।

इसके अलावा हीरानगर कॉलोनी में करीब 60 फीसदी आबादी चोरी की बिजली से घरों को न केवल रोशन कर रही है बल्कि हीटर पर सुबह, शाम का खाना भी पकाया जा रहा है। बस स्टैंड बायपास पर मामा के डेरा के पीछे, भांडेर रोड पर परदेशीपुरा मोहल्ला में, सेंवढ़ा रोड पर, सेंवढ़ा चुंगी बायपास पर रहने वाली आबादी, कलापुरम क्षेत्र, सपा पहाड़, दिनारा रोड, ठंडी सड़क, जिला अस्पताल के पीछे आदि इलाकों में धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है और बिजली कंपनी बिजली चोरों पर कार्रवाई को लेकर चुप्पी साधे हुए है।

बिजली कंपनी और नपा ध्यान ही नहीं दे रही

  • हमारे क्षेत्र में स्थाई बिजली लाइन नहीं है। इसलिए अधिकतर लोग कटिया तार डाले हुए हैं। इन तारों के टूटने से करंट फैलने का डर रहता है। कॉलोनी के रहवासी कई बार आवेदन, ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन बिजली कंपनी और नगर पालिका ध्यान ही नहीं दे रही है। - रामेंद्र अहिरवार, उनाव रोड
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