परेशानी:कॉलोनियों में सफाई करने नहीं पहुंच रहे कर्मचारी, लग गए कचरे के ढेर, गंदगी से लोग हो रहे परेशान

दतियाएक महीने पहले
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  • वार्ड 36 में संगीता लॉज के पीछे पूरी कॉलोनी में लगे कचरे के ढेर, लोग बोले- आज तक सफाई कर्मी नहीं देखा

नगर पालिका के कर्मचारी मुख्य सड़कों पर ही सफाई करते हुए देखे जाते हैं और कचरा उठाते हैं। जबकि शहर के बाहरी हिस्सों में बनीं कॉलोनियों में साफ सफाई तो दूर, कचरे के ढेरों तक को साफ नहीं किया गया है। यहां के लोग बताते हैं कि उन्होंने सालों से सफाई कर्मचारियों को नहीं देखा है जबकि नगर पालिका स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत हर जगह सफाई कराने का दाबा कर रही है। यही नहीं कॉलोनी में लाइटें भी नहीं लगी हैं जिससे रात भर अंधेरा व्याप्त रहता है वह भी तब जब शहर के सभी मुख्य सड़क मार्ग स्मार्ट सिटी के तहत लगाई गईं लाइटों से जगमगा रहे हैं।

इन गलियों में नगर पालिका को लाइटें लगवानी थीं लेकिन नगर पालिका गलियों का अंधेरा दूर करने के लिए किसी तरह के कारगर कदम नहीं उठा रही है। बता दें कि शहर के वार्ड क्रमांक 31, 33, 36 और 34 आबादी के हिसाब से सबसे बड़े वार्ड हैं। ये सभी वार्ड शहर के बाहरी इलाकों में हैं। वार्ड क्रमांक 31 में उनाव रोड, मंडी के पीछे, परदेशीपुरा मोहल्ला, बालाजी नगर आदि क्षेत्र शामिल है।

वहीं वार्ड 33 में नजर बाग से लेकर बुंदेला कॉलोनी, गौड़बाबा कॉलोनी, हीरानगर कॉलोनी, गंजी हनुमान मंदिर, मम्माजू का बाग, उनाव रोड, हमीर सिंह नगर कॉलोनी, वार्ड 36 में सिद्धार्थ कॉलोनी, रामनगर कॉलोनी, पुलिस लाइन, कलापुरम, वार्ड 34 में रेलवे क्रॉसिंग की तरफ का हिस्सा शामिल है। इन कॉलोनियों में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं पहुंच रहे हैं। सबसे ज्यादा हालत वार्ड 36 के संगीता लॉज के पीछे बनी कॉलोनी और रामनगर कॉलोनी की है।

गलियों में पसरा रहता है अंधेरा

एक साल पहले जब शहर के मुख्य मार्गों पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत लाइटें लगाई गई थीं तब नगर पालिका ने अपनी लाइटों को खंबों से उतरवाकर स्टोर रूम में रखवा दिया था। इन लाइटों को गली मोहल्लों में लगाया जाना था। हैरानी कि कहीं भी गलियों में लाइटें नहीं लगवाई गईं। यहां तक कि दीपावली के दिन भी कॉलोनियों में अंधेरा देखा गया। संगीता लॉज के पीछे गंदगी के साथ-साथ रात में लाइटें न लगाए जाने के कारण अंधेरा भी रहता है।

यहां पूरी कॉलोनी सूर्य अस्त होते ही अंधेरे में डूब जाती है। खास बात यह है कि कॉलोनी में गलियां कच्ची हैं और ऊबड़ खाबड़ हैं। जिस कारण रात में अंधेरे के कारण लोगों को बाहर निकलने और घर तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है।

संगीता लॉज के पीछे की कॉलोनी व रामनगर कॉलोनी के हालात ज्यादा खराब

यहां न तो नालियों की सफाई होती है और न ही गलियों की। संगीता लॉज के पीछे मकानों के सामने ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं। खास बात यह है कि कॉलोनियों में साफ सफाई की जिम्मेदारी सफाई मेठों की है। इनके अधीन साढ़े तीन सौ से ज्यादा सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं लेकिन यह कर्मचारी शहर के मुख्य मार्गों पर ही सफाई करते हुए देखे जाते हैं, गलियों में सफाई कर्मी नजर नहीं आते हैं।

नालियां ओवरफ्लो, रास्ते में जल भराव की समस्या, लोगों को निकलने में भी हो रही परेशानी

संगीता लॉज के पीछे नालियां बनी हैं। लेकिन नालियों की सालों से सफाई नहीं हुई। वीआईपी कॉलोनियों में शामिल इस कॉलोनी में नालियों की सफाई न होने से चोक हो गई हैं और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य मार्गों पर बहता देखा जाता है। कलेक्टर-एसपी बंगला के सामने और डीईओ ऑफिस के पीछे स्थित आबादी क्षेत्र में जल भराव की भी समस्या है। इसी तरह गहोई कॉलोनी के सामने भी मुख्य मार्ग पर नालियों का निर्माण न कराए जाने से मुख्य मार्ग पर ही गंदा पानी जमा हो रहा है। जिससे लोगों को निकलने में खासी परेशानी होती है।

काफी बुरी हालत है

नगर पालिका स्वच्छता अभियान चला रही है लेकिन संगीता लॉज के पीछे सालों से कर्मचारी न तो सफाई करने आ रहे हैं न कचरा उठाने। रात में गलियों में अंधेरा रहता है। नगर पालिका ने एक स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगवाई है। काफी बुरी हालत है -डॉ. राजीव कंचन, संगीता लॉज के पीछे सफाई तो हो नहीं रही

हमारी कॉलोनी में एक भी गली में खंबों पर लाइट नहीं लगी है। पहले कर्मचारी कहते थे कि दीपावली पर लगा रहे हैं लेकिन दीपावली पर भी एक भी लाइट नहीं लगाई। साफ सफाई तो हो ही नहीं रही है। जहां तहां कचरा पड़ा हुआ है -वीरू राजा बुंदेला, रामनगर कॉलोनी संगीता लॉज के पीछे

आज ही सफाई करा देते हैं

हम पता करते हैं कि क्यों कर्मचारी नहीं जा रहे हैं। आज ही दिखवाकर सफाई करा देते हैं।
अनुपम पाठक, स्वच्छता निरीक्षक, नपा दतिया

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