• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Datiya
  • Girls And Women Are Coming To The Center To Take Manure, The Union Has Made Separate Arrangements For Women, Will Not Have To Line Up

खाद के लिए मशक्कत:लड़कियां और महिलाएं खाद लेने आ रहीं सेंटर, संघ ने की महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, नहीं लगना होगा लाइन में

दतिया11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कॉलेज छात्रा रात 11 बजे खाद लेने सेंटर पर पहुंची थी। - Dainik Bhaskar
कॉलेज छात्रा रात 11 बजे खाद लेने सेंटर पर पहुंची थी।

दतिया कृषि उपज मंडी में विपणन संघ के गोदाम से रात 11 बजे के बाद भी खाद बांटी जा रही है। किसानों की खाद को लेकर मजबूरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात में उनके साथ लड़कियां और महिलाएं भी खाद के लिए लाइन में लग रही हैं। यह स्थिति इसलिए बन रही है क्योंकि एक आधार कार्ड पर दो डीएपी की बोरियां ही किसानों को दी जा रही हैं। हालांकि रात में खाद लेने पहुंच रहीं महिलाओं के लिए जिला विपणन संघ ने अलग से व्यवस्था की है। उन्हें खाद लेने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ रहा है। यहीं कारण है कि अब महिलाएं ज्यादा संख्या में खाद लेने पहुंच रही हैं।

जिला विपणन संघ ने की यह व्यवस्था
जिला विपणन संघ ने खाद लेने केंद्र पहुंच रहीं महिलाओं काे लाइन में नहीं लगना हाेगा। तत्काल अंगूठे का निशान लेकर उन्हें खाद दी जा रही है। बुधवार रात 11 बजे 20 साल की चित्रांशी पुत्री नरेंद्र निवासी वानोली गांव खाद लेने पहुंची थी। उसने बताया कि उसके घर-परिवार में अन्य कोई पुरुष सदस्य नहीं हैं, खेत बटाई पर दे रखा है। वह बीकॉम के द्वितीय वर्ष की छात्रा है। ऐसी स्थिति में उसे खुद को खाद लेने आना पड़ा। वितरण संघ व कृषि विभाग के अधिकारियों ने उसको बिठाकर आधार कार्ड नंबर लेकर खाद आवंटित कर दिया।

किरण देवी पति सियाशरण निवासी खिरिया गांव से अपने परिवार की महिलाओं को लेकर खाद लेने पहुंच थी। उसका कहना था कि घर के पुरुषों को समय पर खाद नहीं मिल पाता है। इसलिए वह खुद ही खाद लेने आ गई है। रात 11 बजे वह घर कैसे जाएगी? इस प्रश्न पर उसने बताया कि उसके साथ उसके परिवार के और लोग भी खाद लेने के लिए यहां आए हुए हैं।

महिलाओं काे खाद लेने भेज रहे
उप संचालक कृषि कल्याण विभाग डी. के. सिद्धार्थ का कहना है कि किसान अपने परिवार की महिलाओं को खाद के लिए भेज रहे हैं। ऐसी स्थिति में हमें भी देर रात तक खाद वितरण करना पड़ रहा है। महिलाओं के लिए हमने विशेष व्यवस्था की है, उन्हें लाइन में न लगाते हुए सीधे कार्यालय में बुलाकर ही खाद का पर्ची आवंटित कर दी जाती हैं।