बारिश ने बढ़ाई सर्दी:शहर में आधी रात को ओलों की बौछार, फिर बारिश, असर, दिन का पारा 8.4 डिग्री गिरा

दतिया16 दिन पहले
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  • गेहूं को फायदा, लगातार बारिश हुई तो चना, मटर, सरसों की फसल में नुकसान की आशंका

पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर से आ रही नमी और राजस्थान में बने चक्रवात के कारण अंचल में मौसम अब पूरी तरह बदल चुका है। बुधवार की शाम शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद रात लगभग 3 बजे शहर के कुछ हिस्सों में ओले गिरे। राहत यह रही कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरने की कोई सूचना नहीं है अन्यथा फसलों को नुकसान हो सकता था। शहर में भी ओले की हल्की बौछार ही गिरी। इसके बाद बारिश का दौर शुरू हो गया जो गुरुवार को रुक-रुककर पूरे दिन होती रही। जिले में लगभग 6 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम में हुए बदलाव के कारण सर्दी बढ़ गई। दिन-रात के तापमान में महज 2.5 डिग्री का अंतर रह गया है।

हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोग दिनभर कंपकंपाते रहे। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, अगर आने वाले दिनों में भी ऐसा ही मौसम रहता है तो गेहूं को छोड़ कर अन्य फसलों को नुकसान होगा। इससे पैदावार गिर सकती है। वहीं मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 8 जनवरी तक बारिश का दौर चलेगा। एक या दो दिन की राहत के बाद 13 जनवरी तक फिर बारिश हो सकती है।

ठिठुरनभरी सर्दी से कांपे लोग, दिन और रात के तापमान में सिर्फ 2.5 डिग्री का अंतर

लगातार बारिश हुई तो सब्जियों के साथ चना, मटर और सरसों की फसलों को नुकसान, सिर्फ गेहूं की लिए लाभदायक
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह के अनुसार इस बारिश से गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। अगर 8 जनवरी तक या इसके बाद भी बारिश होती है तो सब्जियों में झुलसा रोग लग सकता है। चना, मटर और सरसों की पैदावार भी प्रभावित होगी। बारिश से इन फसलों की ग्रोथ तो तेजी से होगी, लेकिन फसल में फलियां नहीं लगेंगी। जो फसलें फूल पर होंगी, उनके फूल झड़ जाएंगे। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। कुम्हर्रा के अंकुश दांगी के अनुसार, अगर अधिक दिनों तक बारिश होती रहती है तो दलहन व तिलहन की फसलों को नुकसान होगा।

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