आमरण अनशन:7 दिन की चेतावनी पर नहीं हुई कार्रवाई तो अनशन करने पहुंचे लोग, अब तीन दिन का वक्त और दिया

सेंवढ़ाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 4 माह पूर्व आई बाढ़ में घर गंवा चुके ढिमरपुरा के ग्रामीण कर रहे हैं आवास क्षति की मांग

ग्रामीणों ने भाजपाइयों के साथ एसडीएम से की मुलाकात

सिंध नदी में 3-4 अगस्त को आई बाढ़ में अपना घर-मकान गंवा चुके ऐसे लोग जिन्हें आवास क्षति का लाभ नहीं मिला है वह आंदोलन की राह पकड़ चुके हैं। सप्ताहभर पहले दिए आवेदन के बाद कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को महिलाओं सहित दो दर्जन से अधिक लोग आमरण अनशन के लिए तहसील कार्यालय पर पहुंच गए।

इस बीच ग्रामीणों के बीच पहुंचे जिला पंचायत सदस्य आलोक सिंह परिहार, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लवकुश सिंह गुर्जर ने उनकी मुलाकात एसडीएम अनुराग निंगवाल से कराई। ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम जारी एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और प्रशासन को तीन दिन की मोहलत देकर अनशन की चेतावनी दी। एसडीएम ने नायब तहसीलदार सुनील वर्मा को आवेदनकर्ता लोगों के घरों का मौका मुआयना करते हुए दोबारा रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि बाढ़ में मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद अब भी कई परिवार मुआवजा राशि के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने बीते मंगलवार को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन और आमरण अनशन करने के लिए चेताया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पर जाकर अनशन की तैयारी शुरू की। इस बीच एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण तीन दिन की मोहलत पर वापस लौट गए।

अनशन पर बैठने की थी तैयारी, बाद में तीन दिन की मोहलत पर माने सोमवार को दो दर्जन से अधिक लोग जैसे ही तहसील परिसर पहुंचे तो सबसे पहले जिला पंचायत सदस्य आलोक सिंह परिहार उनसे मिले। श्री परिहार के अलावा भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र चौहान एवं जिला उपाध्यक्ष भाजपा लवकुश सह गुर्जर ने भी ग्रामीणों से मुलाकात की। नेताओं ने समझाया कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। इतनी अधिक संख्या में लोगों का आंदोलन करना बगैर अनुमति के संभव नही होगा इसके लिए एक बार फिर से अधिकारियों से मुलाकात की जाए।

इसके बाद एसडीएम के साथ ग्रामीणों ने मुलाकात की। बाद में जब तहसीलदार सुनील वर्मा से मिले तो तहसीलदार ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में व्यस्तता होने के कारण फिलहाल गांव का दौरा करने पर असमर्थता व्यक्त की। इसके बाद ग्रामीणों ने तीन दिन बाद वापस आकर अनशन पर बैठने की घोषणा कर दी। इस अवसर पर ढिमरपुरा निवासी हरीमोहन, रामप्रकाश, कल्ली, बलराम, रामखिलौना, छोटे, कहैयालाल, रामअवतार, मंगली, राजकुमार, करन, सतीश, अरविंद, गोविंददास, संतोष, आदि मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...