• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Datiya
  • If The Gunny Is Over, The Purchase Is Closed Due To No Lifting, Farmers Are Waiting For Weighing At The Centers For 3 Days

समर्थन मूल्य पर खरीदी में संकट:कहीं बारदाना खत्म तो कहीं उठाव न होने से खरीदी बंद, केंद्रों पर 3 दिन से तुलाई के इंतजार में किसान

दतिया6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ग्राम कुलैथ के केंद्र पर बारदाना न होने से खरीदी बंद। - Dainik Bhaskar
ग्राम कुलैथ के केंद्र पर बारदाना न होने से खरीदी बंद।
  • अब तक साढ़े 12 हजार किसान ही बेच सके फसल, पंजीयन के आधे भी नहीं हुए

शासन और प्रशासन कोरोना महामारी से निपटने में व्यस्त है। ऐसे में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में मनमानी चल रही है। बारदाना खत्म होने और खरीदे गए गेहूं का उठाव न होने के कारण जिले के अधिकतर केंद्रों पर खरीदी बंद है। तुलाई के इंतजार में सैकड़ों किसान तीन-तीन दिन से केंद्रों पर पड़े हैं।

किसान घर से खाना मंगा लेते हैं और वहीं बैठकर खाते हैं। आस सिर्फ इतनी कि तुलाई शुरू हो तो उनका गेहूं भी सरकारी दाम पर तुल जाए। शुक्रवार 23 अप्रैल तक जिले में 10 हजार से ज्यादा किसान फसल बेच चुके थे। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक सिर्फ ढाई हजार किसान ही उपज बेचने पहुंचे। अब तक साढ़े 12 हजार किसानों की उपज ही बिक सकी है। 24 हजार से ज्यादा किसान शेष रह गए हैं। जिले में गुरुवार तक सभी 80 गेहूं खरीदी केंद्रों पर 38 हजार पंजीकृत किसानों में से 12 हजार 556 किसानों से 82 हजार 741 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। दो दिन पहले तक जहां 80 खरीदी केंद्राें पर एक दिन में 90 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद हो रही थी, वहीं अब खरीदी घटकर 70 से 80 हजार क्विंटल के बीच ही रह गई है। जिले में अब तक 51 हजार 605 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव हुआ है जबकि 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं अभी भी केंद्रों पर खुले में पड़ा है।

31 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं केंद्रों पर, भुगतान में भी देरी
जिले में अब तक 82 हजार 741 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है लेकिन केंद्रों से उठाव सिर्फ 51 हजार 605 मैट्रिक टन का ही हो सका है। 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं अभी भी केंद्रों पर रखा है। सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार सिर्फ गेहूं का उठाव होता है।

इसके अलावा बाकी पांच दिन भी खरीदी के साथ-साथ उठाव चलता रहता है। फिर भी उठाव में देरी हो रही है। इसका सीधा असर भुगतान पर पड़ रहा है। जिले में अब तक साढ़े 12 हजार किसानों में से 3285 किसानों को ही 35 करोड़ 23 लाख रुपए की राशि प्राप्त हो सकी है जबकि नौ हजार से ज्यादा किसान अभी भी भुगतान के लिए लाइन में लगे हुए हैं।
बारदाना भिजवा दिया है
आज मैंने खुद इंदरगढ़ के खरीदी केंद्रों पर जाकर बारदाना उपलब्ध कराया है। खरीद प्रभारी पहले से बारदाना खत्म होने की जानकारी नहीं देते हैं। जब खत्म हो जाता है तब बताते हैं। हमने आज बारदाना भिजवा दिया है।-बालाराम दांगी, नागरिक आपूर्ति विभाग, दतिया

खरीदी बंद, केंद्र पर ही दिन-रात गुजार रहे लोग

भास्कर टीम गुरुवार को सुबह 11 बजे ग्वालियर-झांसी हाईवे स्थित चिरूला के खरीदी केंद्र पर पहुंची। यहां बहुद्देश्यीय लघु कृषक बाजार में केंद्र बना है। लघु कृषक बाजार का बाहर से मैन गेट बंद था और बाहर गेहूं से भरी 30 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी थीं। पूछने पर पिसनारी के किसान यशपाल यादव ने बताया कि वे दो दिन से ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं लेकिन खरीदी बंद है। भास्कर टीम केंद्र पर पहुंची और वहां बैठे कर्मचारियों से पूछा तो कर्मचारियों ने बताया कि उठाव नहीं हुआ है, इसलिए खरीदी बंद है।
भास्कर टीम गुरुवार को दोपहर 1 बजे कुलैथ के खरीदी केंद्र पर पहुंची। यहां 50 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉलियां खड़ी थीं। खरीदी बंद थी। जानकारी करने पर बारदाना न होना बताया गया। यहां ट्रैक्टर की छांव में बैठे रूर कुलैथ के किसान महेंद्र सिंह जाट ने बताया कि वे 27 अप्रैल को सुबह मैसेज आने पर चार ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं भरकर केंद्र पर आ गए थे। गेहूं तुलने का 11 नंबर था और तीन दिन में 11वां नंबर नहीं आ सका। तीन दिन से केंद्र पर ही रुके हुए हैं और वहीं खाना मंगाकर दिन व रात गुजार रहे हैं।

खबरें और भी हैं...