14 से 28 जनवरी तक होगा आनंद उत्सव का आयोजन:मानवीय मूल्यों के पालन से जीवन होता है आनन्दित: जिपं सीईओ

दतिया12 दिन पहले
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मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। अपनी क्षमता और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद कर उनके चेहरे पर मुस्कान की झलक पाना ही जीवन का वास्तविक आनंद है। यदि आपके भीतर प्रेम, स्नेह का भाव है तो आप हर दिल अजीज हैं। यदि आप इन मूलभूत मानवीय मूल्यों की अनदेखी करते हैं, तो सच्चे सुख और परम शांति की कामना निरर्थक होगी। जरूरत के अनुसार लोगों की मदद कर उनके जीवन में खुशियां लाना हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए।

यह बात जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने गुरुवार को राज्य आनंद संस्थान द्वारा जिले में संचालित की जा रही आनंदक गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान कही। बैठक के प्रारंभ में डीईओ यूएन मिश्रा ने जिले में संचालित की जा रही आनंदक गतिविधियों की जानकारी दी। भावी कार्ययोजना पर चर्चा के दौरान एसीईओ धनंजय मिश्रा ने आनंद उत्सव के प्रभावी आयोजन हेतु क्लस्टर स्तर पर समितियों के गठन की बात कही।

उन्होंने कहा कि हमारे मानसिक रवैये से उपजी अशांति, कठिनाइयों और पीड़ाओं को किन्हीं बाह्य भौतिक सुविधाओं के माध्यम से नहीं बल्कि अपने मानसिक दृष्टिकोण को बदलकर कम और समाप्त किया जा सकता है। मानव अस्तित्व को बनाए रखने के लिए हममें मानवीय मूल्यों, मानवीय प्रेम और मानवीय करुणा का होना आवश्यक है। बैठक में राज्य आनंद संस्थान भोपाल के प्रतिनिधि और राज्य स्तरीय प्रशिक्षक मुकेश करुआ और प्रदीप महतो ने संस्थान द्वारा संचालित गतिविधियों की व्यापक जानकारी दी तथा अल्प विराम की क्रिया करवाई।

जिला समन्वयक (आनंद) मनोज द्विवेदी ने राज्य आनंद संस्थान के गतिविधि कलेंडर के अनुसार जिले में गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंत में डीपीसी राजेश पैकरा ने आभार व्यक्त किया। बैठक में आनंदक बलराम शर्मा एपीसी, विधि प्रकोष्ठ प्रभारी रविभूषण खरे, महेंद्र शर्मा, सोशल एक्टिविस्ट और संचालक स्वदेश ग्रामोत्थान समिति रामजी शरण राय, राजेश कतरोलिया, जयराम पटवा, सुखसिंह गौतम, रमाशंकर योगी, शरद कुमार साहू, मानसिंह यादव, बलराम शास्त्री, घनश्याम सोनी, विकास शुक्ला, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शर्मा, हृषिकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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