घर में बजी स्कूल की घंटी:मम्मी-पापा ने घर में बजाई थाली फिर कराई पढ़ाई

दतियाएक वर्ष पहले
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  • हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान शुरू, जब तक स्कूल नहीं खुलते घर पर ही पढ़ेंगे बच्चे

स्कूल में घंटी बजते ही बच्चों को संकेत मिल जाते है कि क्लास शुरू हो गई। इसी तर्ज पर सोमवार को सरकारी प्राइमरी व माध्यमिक स्कूलों में दर्ज बच्चों के दादा-दादी, मम्मी-पापा ने सुबह ठीक 10 बजे थाली बजा कर घर के बच्चों को पढ़ाई का समय शुरू हो जाने का संकेत दिया। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश शासन ने हमारा घर, हमारा विद्यालय अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत घरों में पढ़ाई के लिए समय सीमा तय की गई। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बच्चों के अभिभावकों, भाई-बहिन, दादा-दादी से अपील की गई कि वह बच्चों का पढ़ाई में सहयोग करें। अभियान के तहत संबंधित क्षेत्र के सरकारी स्कूल के शिक्षक बच्चों के अभिभावकों को प्रोत्साहित करेंगे। ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया पर रोक न लगे। 
बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश शासन ने 31 जुलाई तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। संक्रमण अगर काबू में न आया तो यह समय बढ़ भी सकता हैं। प्राइमरी व माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया पर रोक न लगे इसलिए शासन कोई प्रयास कर रहा है। पहले घर घर व ऑन लाइन होमवर्क देने की गतिविधि के बाद 6 जुलाई सोमवार से प्रदेश भर में हमारा घर, ङमारा विद्यालय अभियान शुरू किया गया। 
यह तय टाइम टेबल, रात में बच्चे सुनेंगे कहानी...
हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान के तहत बच्चों को हर दिन सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक पढ़ाई, लिखाई करनी है। शाम 4 से 5 बजे खेल, कला व मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियां करनी है। रात्रि 7 से 8 अपने दादा-दादी, मम्मी-पापा से कहानी सुनना व कहानी बनाना जैसे गतिविधि को करना हैं। बीएससी संजीव विश्वदेवा कहते है कि शिक्षा विभाग अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए लगातार उनके संपर्क में रहेगा। ताकि अभियान सफल हो. बच्चों के सीखने की प्रक्रिया जारी रहे।

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