गांव में अपनों को अंतिम विदाई के लिए मुक्तिधाम नहीं:बारिश नहीं रुकी तो पॉलिथीन तानकर करना पड़ा अंतिम संस्कार

दतिया13 दिन पहले
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ये तस्वीर ग्राम प्रकाशनगर मोगिया डेरा की है। यहां गुरुवार को इस तरह किया गया दाह संस्कार। - Dainik Bhaskar
ये तस्वीर ग्राम प्रकाशनगर मोगिया डेरा की है। यहां गुरुवार को इस तरह किया गया दाह संस्कार।

बारिश के बीच पॉलिथीन तानकर अंतिम संस्कार करने की यह तस्वीरें राजापुर पंचायत के मकौनी गांव और दतिया शहर से सटे प्रकाश नगर की हैं। देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ के रूप में अमृत उत्सव मना रहा है। साल भर से अमृत महोत्सव के तहत तमाम कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं लेकिन देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के बाद भी गांव में अपनों को अंतिम विदाई देने के लिए मुक्तिधाम तक नहीं हैं। यह हाल तब हैं जब सरकारें ग्राम पंचायतों को करोड़ों रुपए का बजट दे रही हैं।

हर गांव में श्मशान घाट बनाने के लिए जमीनें आरक्षित हैं लेकिन श्मशान घाट की जमीन पर टीनशेड तक नहीं लगाए गए। मकौनी गांव में गुरुवार को रामसेवक अहिरवार की पत्नी का निधन हो गया तो लगातार बारिश होने के कारण ग्रामीणों ने पॉलिथीन तान कर दाह संस्कार करना पड़ा। इसी प्रकार गुरुवार सुबह शहर से सटे प्रकाशनगर में दिव्यांग वीरू मोगिया का निधन हो गया। यहां भी दाह संस्कार सड़क किनारे पॉलिथीन के सहारे किया जा सका।

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