पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Datiya
  • On The Second Day, 5 Peacocks And Dead In Kuthonda Village, The Villagers Said The Village Youths Had Added Pesticide Mixed With Pesticides

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दतिया में शिकारियों की हरकत:खेत में कीटनाशक मिला दाना डाला, 8 मोर मरे, एक युवक भी बीमार

दतिया7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ग्राम कुठौंदा में मोरों की मौत के बाद मौके पर निरीक्षण करने पहुंचीं डीएफओ प्रियांसी सिंह राठौड़। - Dainik Bhaskar
ग्राम कुठौंदा में मोरों की मौत के बाद मौके पर निरीक्षण करने पहुंचीं डीएफओ प्रियांसी सिंह राठौड़।
  • आठ मोर सहित कई पक्षियों की मौत, सभी मृत मोर का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

ग्राम कुठौंदा में गांव के ही कुछ लोगों ने मोरों का शिकार करने के लिए दूसरे किसानों की सब्जियों और मटर की फसल में कीटनाशक मिला दाना डाल दिया जिसे खाने से आठ मोर की मौत हो गई और तीन मोर की हालत खराब है। इनके अलावा दूसरी प्रजाति के कई पक्षी भी कीटनाशक मिला दाना खाने से मर गए। यही नहीं, इन खेतों में लगी मटर की फलियां खाने से गांव का एक युवक भी बीमार हो गया जिसे इंदरगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी मिलने पर मंगलवार को जिला वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) प्रियांशी सिंह राठौड़ पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने खेतों में डला दाना भी देखा। पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी मृत मोर का राष्ट्रीय सम्मान के साथ दाह संस्कार कराया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के युवकों ने ही कीटनाशक मिले दाने खेत में डाले। वे मना करने के बाद भी नहीं माने।

ग्राम कुठौंदा में सोमवार शाम चार मोर खेतों में मृत मिले थे और तीन माेर बीमार थे। मंगलवार को सुबह गांव के लोग खेतों में पहुंचे तो तीन मोर और मृत मिले जबकि एक मृत मोर को कुत्ते खा गए। मौके पर ही तीन मोर तड़पती हुईं मिलीं जिन्हें इलाज के लिए भेजा गया। दैनिक भास्कर की टीम गांव में पहुंची तो खेतों के बीच में और पेड़ों के नीचे दूसरी प्रजाति के पक्षी भी मृत मिले। भास्कर ने ग्रामीणों से मोरों व दूसरे पक्षियों के मौत की असल वजह पूछी तो ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले यानि रविवार को गांव के तीन लोगों ने मोर का शिकार करने के लिए गेहूं में कीटनाशक मिलाकर सब्जियों, मटर के फसलों में छिड़क दिया।

कीटनाशक मिला दाना मोरों व अन्य पक्षियों ने खाया तो उनकी मौत हो गई। यही नहीं गांव में रहने वाला युवक भूपेंद्र परमार मटर की फसल में पहुंचा और मटर के दाने खा लिए जिससे कुछ देर में ही उसे उल्टियां और पेट दर्द होने लगा। ग्रामीणों ने आनन फानन में उसे इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। वहीं मोरों की मौत को लेकर गांव के खेत मालिक मुन्रा तिवारी का कहना है कि मैं परसों (रविवार) को अपने खेत के पास से निकला तो परशुराम कुशवाहा और दो लोग मेरे खेत में दाना डाल रहे थे।

मैंने रोका लेकिन नहीं माने और जबरदस्ती दाना डाल दिया हमारे खेत में इसलिए मोर मर गईं। मोरों की मौतों को लेकर दतिया डीएफओ प्रियांशी राठौड़ का कहना है कि मौके पर जाकर निरीक्षण किया है, रेंजर को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

पांच महीने पहले गांव में पहुंचा था मोरों का झुंड

ग्रामीणों ने गांव में पहुंची भास्कर टीम को बताया कि गांव में पांच महीने पहले यानि बरसात के दिनों तक एक भी मोर नहीं था। सितंबर माह में अचानक 60-70 मोर का झुंड आया और गांव में ही बस गया। घरों में आंगन, छतों और पेड़ों पर मोरों ने अपना बसेरा बना लिया था। गांव के लोग भी मोर की देखभाल करने लगे। वे सुबह शाम दाना-पानी डालते थे। मोर के अंडों को सहेजकर रखते थे और उनके बच्चों की भी देखभाल करते थे। गांव के लोग मोरों की चहलकदमी से काफी खुश थे। इसलिए जब शिकारी खेतों में कीटनाशक मिला हुआ दाना डाल रहे थे तब गांव के लोगों ने उन्हें रोका भी और मोरों के मरने की आशंका भी जताई लेकिन शिकारी नहीं माने और दाना डालकर चले गए। दाना डालने के 24 घंटे के अंदर ही पक्षियों की मौत होने लगी।

लोगों की नजर में तीन हैं मोरों की मौत के जिम्मेदार
मैं रविवार को कछुआई (सब्जी की पौध) लगा रहा था, तभी परशुराम और उसके साथ दो लोग आए। तीनों ने दवाई मिलाकर दाना हमारी कछुवाई में डाला। मैंने रोका कि ये दवा मत डालो, मोर खा लेंगी तो मर जाएंगी लेकिन वे नहीं माने और मोर मर गईं। हमने तो इन मोरों को पाला है।
गंभीर कुशवाहा, खेत मालिक

चिड़िया मार बंदूक से मारता है पक्षियों को
जब परशु और उसके साथ दो लोग खेत में दाना डाल रहे थे तभी मैंने रोका था लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। परशुराम तो पहले भी मछलियों को मारने के लिए करंट डालता था और चिड़िया मार बंदूक से भी पक्षियों का शिकार करता रहा है।
जीतेंद्र सिंह बुंदेला, ग्रामीण

डीएफओ के प्रतिवेदन पर प्रकरण दर्ज करेंगे
हम डीएफओ साहब के साथ मौके पर गए थे। वे चाहें तो सीधे अपने यहां प्रकरण दर्ज कर सकते हैं। यदि हमारे पास प्रतिवेदन भेजेंगे तो हम भी प्रकरण दर्ज कर लेंगे। फिलहाल मृत मोरों का पीएम कराकर उनका दाह संस्कार करा दिया है।
वायएस तोमर, टीआई, इंदरगढ़

धारा 6 के तहत होगी कार्रवाई, तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान
मोर मरने की सूचना पर मंगलवार को सुबह 9 बजे सबसे पहले सेंवढ़ा रेंजर चंद्रशेखर सोलंकी कुठौंदा पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर पंचनामा बनवाया। सुबह 11 बजे डीएफओ श्रीमती राठौड़ पहुंचीं। उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर खेत की मिट्टी एवं गेहूं के दाने व मटर के दाने को जब्त कराकर जांच के लिए रखवाया। उन्होंने सेंवढ़ा रेंजर को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीएफओ ने भास्कर को बताया कि हमें ग्रामीणों ने कुछ लोगों के नाम बताए हैं। उनके यहां भी तलाशी ली जाएगी।

जांच चार-पांच दिन में पूरी होने की उम्मीद है। डीएफओ ने कहा कि मौके पर जाकर देखा तो पाया गया कि मोरों को जानबूझकर मारा गया है। इसलिए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 6 का प्रकरण बनता है। इसके अलावा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार धारा बढ़ेंगीं। धारा 6 के तहत दर्ज मामला गैर जमानती होता है और तीन से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है।

रेंजर से जांच करा रहे हैं
मौके पर जाकर निरीक्षण किया है और रेंजर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई करेंगे।
प्रियांशी सिंह राठौड़, डीएफओ

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आपकी सकारात्मक और संतुलित सोच द्वारा कुछ समय से चल रही परेशानियों का हल निकलेगा। आप एक नई ऊर्जा के साथ अपने कार्यों के प्रति ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। अगर किसी कोर्ट केस संबंधी कार्यवाही चल र...

    और पढ़ें