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डिवाइडरों के बीच लगे आकर्षक पौधे भी लगाए:जिन स्थानों पर कचरे के ढेर लगे थे, अब वहां पेवर ब्लॉक लगाए, शाम को सैर करते हैं लोग

दतिया17 दिन पहले
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बदलते वक्त के साथ शहर का नक्शा भी बदलता जा रहा है। दतिया के मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद एक साल पहले 21 करोड़ की लागत से काम शुरू हुए जो कि अब धरातल पर दिखने लगे हैं। शहर के जिन स्थानों पर कभी कचरे के ढेर लगे रहते थे, खाली जगह बेकार पड़ी रहती थी वहां अब लोग पेड़ के छाया में बैठे नजर आते हैं। सुबह और शाम के समय इन स्थानों पर लोग घूमने जाते हैं। झांसी चुंगी से शहर के अंदर प्रवेश करते ही शहर का स्वरूप बदला हुआ दिखाई देने लगता है।

बता दें कि दतिया शहर को मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल करने की घोषणा दतिया विधायक एवं गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मांग पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 जून 2018 को दतिया में हितग्राही सम्मेलन में की थी। इसके बाद नगरीय प्रशासन ने दतिया नगर पालिका को 26 जून 2018 को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने की घोषणा की और एक पत्र भी स्थानीय प्रशासन के पास भेजा। इसके बाद शासन ने स्थानीय प्रशासन से स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराए जाने वाले निर्माण कार्यों को लेकर प्रस्ताव मांगे। प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद मंजूरी भी मिल गई। अक्टूबर 2018 में गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने 21 करोड़ की राशि से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास भी कर दिया।

इन सभी निर्माण कार्यों का ठेका अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (यूडीसी) को मिला और 14 दिसंबर 2018 को वर्कऑर्डर जारी कर दिए गए। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद करीब छह महीने विभागीय अनुमति लेने में निकल गए। साल 2019 में यूडीसी ने काम शुरू किया। सबसे पहले शहर के सभी सड़क मार्गों पर लाइटें लगाने का काम शुरू हुआ। निर्माण एजेंसी ने एक साल के अंदर झांसी चुंगी से सेंवढ़ा चुंगी तक डिवाइडरों पर लाइटें लगाईं। इसके बाद बस स्टैंड बायपास पर दक्ष प्रजापति मंदिर के सामने से कलापुरम तक, ग्वालियर झांसी हाइवे पर पॉलिटैक्निक कॉलेज के सामने से केंद्रीय विद्यालय भवन तक 8 किमी लंबे हाईवे पर सर्विस रोड व डिवाइडर पर डबल लाइटें लगाईं। इसके अलावा ठंडी सड़क, सेंवढ़ा चुंगी बायपास पर सेंवढ़ा चुंगी से पांच नंबर बंदा तक, उनाव रोड पर बम-बम महादेव से खैरी माता मंदिर तक लाइटें लगाकर तैयार कीं। लाइटें जलने भी लगी हैं। यही नहीं शहर के सभी चौराहा अग्रसेन चौराहा, राजगढ़ चौराहा, पीतांबरा पीठ के सामने, हवाई पट्‌टी, सेंवढ़ा चुंगी, सब्जी मंडी, गल्ला मंडी, झांसी चुंगी आदि चौराहों पर हाईमास्ट लाइटें लगाई गईं। ये लाइटें रात में जलती हैं तो पूरा शहर दूधिया रोशनी में नहाता है। शाम को झांसी अथवा ग्वालियर की तरफ से आने पर हाइवे पर जगमगातीं लाइटें एक अच्छे शहर में प्रवेश का अहसास कराती हैं।

सिविल लाइन क्षेत्र में बिछाई पेवर ब्लॉक

स्मार्ट सिटी योजना के तहत झांसी चुंगी से पुरानी कलेक्टोरेट तक सड़क के दोनों तरफ खाली पड़ी जमीन पर पेवर ब्लॉक का काम अंतिम चरण में हैं। खास बात यह है कि यह ऑफिसर्स एरिया है। लेकिन फिर भी सरकारी आवासों के सामने खाली जमीन कचरे के ढेरों में तब्दील थी। बड़े-बड़े पेड़ों के नीचे पेड़ पत्तियां, उखड़ी, बिखरी मिट्टी पड़ी रहती थी। यहां पेवर ब्लॉक बिछाए जाने के बाद तस्वीर बदल गई है। अब लोग यहां बैठकर सुकून के पल व्यतीत करते हैं। सुबह और शाम के समय लोग यहां घूमने भी जाते हैं। आने वाले दिनों में दतिया पूरी तरह बदला-बदला हुआ नजर आएगा। नगर पालिका उपयंत्री अंबक पाराशर बताते हैं कि लाला के ताल के पीछे भी आकर्षक पेवर ब्लॉक बिछाई गई हैं। तालाबों के सौंदर्यीकरण का भी काम शुरू हो गया है।

नए स्वरूप में होगी ठंडी सड़क, बंद फव्वारे शुरू होने से बढ़ेगी खूबसूरती

ठंडी सड़क के दोनों तरफ नहरें बनी थीं। ये दोनों नहरें 20 साल पहले तक बहती हुई देखी गईं। साथ ही ठंडी सड़क के दोनों तरफ बने प्राचीन छोटे बड़े फव्वारे भी 20 साल पहले तक चलते देखे गए। लेकिन इसके बाद न केवल फव्वारे बंद हो गए बल्कि नहरों पर अतिक्रमण हो जाने से नहर तो दूर नाले भी नहीं बचे हैं। लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। लेकिन स्मार्ट सिटी योजना के तहत फव्वारों को चालू कर आकर्षक लाइटिंग की जाएगी। ठंडी सड़क के दोनों तरफ नए तरीके से नहर का निर्माण होगा। हालांकि ये काम इतना आसान भी नहीं है। लोगों के अतिक्रमण को हटवाना जिला प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है। इसलिए फिलहाल दोनों तरफ नहरें बनकर चालू होना एक सपने की तरह है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के बड़े दरवाजों का भी सौंदर्यीकरण किया जाना है। तालाबों की सफाई और लाइटें लगाई जाना हैं।

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