सम्मेलन:जातिवाद से दूर रहकर अपने आपको हिन्दू नाम से जानें: सिंह

दतिया9 महीने पहले
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  • अखिल भारतीय ज्योतिष एवं वास्तु सम्मेलन में वक्ता बोले- ज्योतिष मानव जीवन के एक्स-रे की तरह

ज्योतिष हमारी प्राचीन परंपरा हैं। जैसे डॉक्टर शरीर के अंदर की बीमारी जानने के लिए एक्सरे कराते है। वैसे ही ज्योतिष मानव जीवन का एक्सरे है। ग्रह, नक्षत्रों से किसी के भी जीवन के घटना क्रम को आसानी से जाना जा सकता है। इसे सरल कर करने की जरूरत है। ताकि लोग आसानी से इसे समझ सकें। पंचांग में तारीख के साथ नक्षत्र भी लिखा जाना चाहिए। ताकि लोग आसानी से न केवल पंचांग को पढ़ सकें। बल्कि जीवन में होने वाली प्रमुख घटनाओं को भी जान सकें। सिविल लाइन में चल रहे अखिल भारतीय ज्योतिष, वास्तु सम्मेलन में यह बात वक्ताओं ने कही। पूरे देश से आए ज्योतिषियों ने अपने शोध भी रखें। किसी ने स्वस्थ्य रहने के लिए 12 अंग व राशियों के हिसाब से 12 प्रकार की दवाएं बनाने की बात कहते हुए कहा कि अगर संबंधित अंग में दवा लगाई जाए या खाई जाए को व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता हैं।

वक्ता ने कहा कि ज्योतिष से समस्या निवारण में रत्न से अधिक मंत्र प्रभावशाली होते है। उन्होंने कहा कि पूर्व में राजे महाराजे रत्नों को उपयोग विभिन्न स्थानों मसलन अपने किबाड़ (गेट), पलंग आदि पर भी करते थे। यानि रत्न का उपयोग अन्य स्थानों पर भी होता रहा है। ऐसे में ग्रह बाधा निवारण के लिए मंत्र का उपयोग कारगर हैं।
ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र छोड़कर सिर्फ हिंदू लिखना शुरू करें
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के आयोजक राहुलदेव सिंह ने कहा कि अब हमें जातिवाद से दूर हो जाना चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र आदि छोड़ कर सभी को अपने नाम के साथ हिंदू लिखना चाहिए। सम्मेलन में पं. हरिओम जोशी, रामशंकर तिवारी, जितेन्द्र गुप्ता, सुरेश आर शर्मा, पं. संतोष भार्गव आदि का विशेष सहयोग रहा।

गृहमंत्री बोले- वह नवग्रह पीठ स्थापित कर रहे, वहां भी होंगे ऐसे आयोजन
दो दिवसीय सम्मेलन में रविवार को गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहुंचे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ज्योतिष हमारी प्राचीन पद्धति, परंपरा है। वह डबरा में नवग्रह पीठ स्थापित कर रहे है। आने वाले समय में ऐसे आयोजन पीठ पर होंगे। उन्होंने आयोजन के लिए परिणीता राजे व राहुल देव सिंह की सराहना की।

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