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कोविड गाइड लाइन के हिसाब से ही होंगे दर्शन:दो महीने के बाद खुले मंदिर, एक बार में 6 लोग ही कर सकेंगे दर्शन

दतिया2 महीने पहले
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श्री पीतांबरा पीठ मंदिर पर 19 जून से दर्शन शुरू होंगे। - Dainik Bhaskar
श्री पीतांबरा पीठ मंदिर पर 19 जून से दर्शन शुरू होंगे।
  • कलेक्टर ने रात 12 बजे जारी किया मंदिर खुलने का आदेश: प्रसाद, फूल माला और जल भी चढ़ा सकेंगे श्रद्धालु, गाइड लाइन का पालन कराने पुलिस प्रशासन रहेगा तैनात
  • मास्क पहनना और दो गज की दूरी अनिवार्य

मंदिर दो महीने बाद फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। हालांकि मंदिरों में दर्शन के लिए पहले की तरह भीड़ की अनुमति नहीं है। सिर्फ छह-छह श्रद्धालुओं को ही एक साथ दर्शन करने की अनुमति होगी। श्रद्धालु मंदिर में फूल माला, जल और प्रसाद भी चढ़ा सकेंगे। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था और कोविड गाइड लाइन का पालन कराने के लिए पुलिसकर्मी और स्थानीय स्टाफ तैनात रहेगा।

कोरोना महामारी ने श्रद्धालुओं को मंदिरों से दूर कर दिया था क्योंकि आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे। इस दौरान मंदिरों में सिर्फ पंडा पुजारी ही सुबह व शाम पूजा अर्चना करते थे। बाकी समय मंदिर सूने पड़े रहते थे। जिन मंदिरों पर प्रतिदिन सैकड़ों व हजारों की भीड़ दर्शन करने पहुंचती थी, वहां दो महीने सन्नाटा छाया रहा। चैत्र नवरात्र में भी मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिला। अब महामारी कम हो गई है तो प्रदेश सरकार ने फिर मंदिरों को खोलने की अनुमति दे दी है। बुधवार रात 12 बजे कलेक्टर संजय कुमार ने मंदिर खोलने संबंधी आदेश जारी किया। कलेक्टर के आदेश के बाद गुरुवार से फिर मंदिरों में दर्शन की छूट मिल गई।

पीतांबरा पीठ मंदिर: श्री पीतांबरा पीठ मंदिर पर 19 जून से दर्शन शुरू होंगे। दर्शन के लिए दर्शनार्थी को बेवसाइट www.shripitambarapeeth.org पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन लिंक 18 जून से प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। शनिवार को पंजीयन लिंक बंद रहेगी। क्योंकि रविवार को शहर में लॉकडाउन रहता है। दर्शन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही होंगे।

रामगढ़ काली माता मंदिर: भांडेर की रामगढ़ वाली काली माता मंदिर का प्रांगण काफी चौड़ा है लेकिन मंदिर के अंदर ज्यादा जगह नहीं है। यहां भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने के तत्काल बाद बाहर निकलना होगा। एसडीएम इकबाल सिंह ने बताया कि मंदिर में एक बार में छह श्रद्धालु ही दर्शन करने जा सकेंगे। भक्त दर्शन के साथ-साथ प्रसाद, फूल माला और जल भी चढ़ा सकेंगे।

बड़ी माता मंदिर: शहर की कुल देवी विजय काली बड़ी माता मंदिर पर वैसे तो महिलाएं वर्षभर सुबह 4 से 8 बजे के बीच जल चढ़ाने पहुंचती हैं लेकिन कोरोना काल में महिलाओं को मंदिर में जाकर जल चढ़ाने का मौका नहीं मिला। सिर्फ पुजारी को ही आरती की अनुमति थी। अब मंदिर खुल गया है और एक बार में छह श्रद्धालु अंदर जाकर जल, प्रसाद, फूल माला चढ़ा सकेंगे।

खैरी माता मंदिर: खैरी माता मंदिर पहाड़ी पर है। मंदिर तक आने-जाने का रास्ता अलग-अलग है। जिस जगह माता की प्रतिमा है, वहां जगह ज्यादा नहीं है। इसलिए चैनल गेट से ही श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, जल चढ़ा सकेंगे और प्रसाद अर्पित कर सकेंगे। मंदिर में रुकने की अनुमति नहीं होगी।

रतनगढ़ माता मंदिर: रतनगढ़ माता का मंदिर पहाड़ी पर है और मंदिर प्रांगण भी काफी बड़ा है। यहां भी एक तरफ से आने और दूसरी तरफ से दर्शन करने के लिए दो-दो रास्ते हैं। एसडीएम अनुराग निंगवाल बताते हैं कि मंदिर पर लगातार पूजा पाठ चल रहा है। पूर्व की भांति श्रद्धालु मंदिर पर दर्शन कर सकेंगे।

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