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दतिया में जिन पर केस दर्ज, वही बांट रहे राशन:मंत्री बोले- जिनके खिलाफ केस दर्ज हैं, इन सभी को हटाया जाएगा, गरीब के हक पर किसी को डांका नहीं डालने दूंगा

दतिया7 दिन पहले
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राशन की दुकान। - Dainik Bhaskar
राशन की दुकान।

जिले में लगभग एक दर्जन पीडीएस दुकानों के संचालक व सेल्समैन के खिलाफ खाद्य विभाग ने ही पुलिस में सरकारी अनाज में हेराफेरी करने के प्रकरण दर्ज कराकर उन्हें निलंबित भी कर दिया था। इन सबसे बावजूद वह आरोपी पीडीएस दुकान संचालक व सेल्समैन अभी दुकानों को चला रहे हैं।

अब शासन को इसकी कितनी जानकारी है या यह कार्य किसके निर्देश पर किया जा रहा है, इस पर संबंधित विभाग चुप्पी साधे हुए है। जिन लोगों ने गरीब जनता का हक मारा है और सरकारी खाद्यान्न को खुर्द-बुर्द कर दिया है। ऐसे लोगों को फिर वही जिम्मेदारी कैसे दी जा सकती है।

इसके चलते फिर से पीडीएस दुकानों के सरकारी खाद्यान्न में हेराफेरी होना शुरू हो गई है और गरीबों को उनके हिस्से का खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। इस तरह सैकड़ों अस्थाई पर्ची धारकों को स्थाई पर्ची भी अभी तक प्राप्त नहीं हो पाई है। वह लोग भी राशन के लिए भटक रहे हैं।

इधर प्रभारी मंत्री सुरेश धाकड़ ने कहा कि किसी भी गरीब का हक हम नहीं मरने देंगे। सबसे पहले ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों काे पीडीएस की दुकानों से हटाया जाएगा।

कलेक्टर संजय कुमार ने पिछले महीनों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों द्वारा पीडीएस दुकान संचालन में अनियमितता बरतने के कारण कई केस दर्ज खाद्य आपूर्ति विभाग के माध्यम से कराए थे। किंतु उनके द्वारा किए गए प्रयास अब बेनतीजा साबित हो रहे हैं।

जिले में लगभग आधा दर्जन पीडीएस दुकान के संचालक सहकारिता विभाग के सेल्समैन व प्रबंधक और कर्मचारी फिर से वही दुकान संचालित कर रहे हैं, जिस पर हेराफेरी का केस पुलिस में दर्ज किया गया था। इस सारी कवायद को सहकारिता विभाग ठेंगा दिखा रहा है।

दूसरी ओर इस हेराफेरी को लेकर अब खाद्य विभाग भी कार्रवाई नहीं कर रहा है, क्योंकि यह संभव नहीं है कि खाद विभाग को इसकी जानकारी न हो। उसने भी इस मामले पर कोई आपत्ति अभी तक नहीं ली है।

सहकारिता समितियों के आधा दर्जन लोगों पर केस

गरीब उपभोक्ताओं के राशन में को खुर्द-बुर्द करने को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग ने सहकारी समिति के सेल्समैन व प्रबंधकों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें से कन्हैया लाल निरंजन हिनोतिया गांव, समिति प्रबंधक सुरेंद्र यादव दुर्गापुर गांव, राजेश यादव दुर्गापुर गांव, बलवीर गुर्जर कुम्हेडी गांव, सेल्समैन पुष्पेंद्र यादव पठरा गांव तथा समिति प्रबंधक रामनिवास निरंजन बसवाह गांव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

इनमें से रामनिवास निरंजन तो जमानत पर कुछ दिन पहले ही छूट कर जेल से आए हैं। पहले भी गेहूं खरीदी केंद्र पर इनकी ड्यूटी सहकारिता विभाग ने लगाई थी और अब यह फिर से पीडीएस की दुकान संचालित कर रहे हैं। इन सभी सहकारिता कर्मचारियों पर पुलिस ने एफआईआर अगस्त व सितंबर महीने में दर्ज की थी।

इसके बावजूद अब यही लोग फिर से पीडीएस की दुकानें संचालित करने में लगे हैं। ऐसी स्थिति में यह कैसे संभव है कि उन गरीब हितग्राहियों को फिर से न्याय मिल पाएगा और यह सहकारी कर्मचारी सरकारी अनाज की हेराफेरी नहीं करेंगे।

1 लाख 1 हजार स्थाई पात्रता पर्ची वाले हितग्राही

दतिया जिले में 1 लाख 1 हजार स्थाई पात्रता पर्ची वाले हितग्राही हैं, जिन्हें या तो मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर राशन वितरित किया जा रहा है। अस्थाई पात्रता पर्चीधारी के नाम भी जुड़ने के बाद एक अनुमान के अनुसार ऐसे स्थाई पात्रता पर्ची वाले हितग्राहियों की संख्या 1 लाख 1 हजार 700 से ऊपर निकल गई है। जिले में कुल 255 राशन वितरण की दुकानें हैं। इनमें से 205 दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में हैं और 50 दुकानें शहरी क्षेत्र में हैं।

पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री व दतिया के प्रभारी मंत्री सुरेश राठखेड़ा ने कहा कि इन सभी 6 सहकारिता कर्मचारी, जो पीडीएस के संचालक बने बैठे हैं और जिनके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज है। इन सभी को हटाया जाएगा। हम किसी भी गरीब के हक पर डांका नहीं डालने दूंगा। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।