ट्रैफिक जाम:विवेकानंद चौराहे पर रविवार को शुरू हो गई साप्ताहिक हाट, किला चौक तक रहता है जाम

दतिया8 महीने पहले
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  • बंद दुकानों के आगे लगती है दुकानें, विवेकानंद चौराहे से किला चौक पर आने जाने में होती है समस्या

विवेकानंद चौराहा, यहां रविवार को अलग ही बाजार रोशन रहता है। सुबह से कपड़े, साड़ी, जूते सहित अन्य वस्तुओं की फुटपाथ पर दुकानें सजती है। सुबह से ग्राहकों की भीड़ रहती है। चौराहे से किला चौक तक ट्रैफिक जाम की स्थिति। सहालगी सीजन में सुबह से शाम तक यहां से निकलना मुश्किल हो जाता हैं।

नपा की जानकारी में यह बात है कि शहर में साप्ताहिक हाट शुरू हो गई। लेकिन इसे किसी नियत स्थान पर व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है। ऐसे में होता यह है कि जब भी ग्राहकी का सीजन होता है। बंद दुकानों के सामने दुकान सजाने वालों के सामने संकट पैदा हो जाता है।

बग्गी खाना या तलैया मोहल्ला जैसे स्थान जहां सरकारी जमीन खाली है। अगर हाट बाजार के लिए नियत कर दी जाए तो रविवार को भी ट्रैफिक जाम से जूझने वालों को राहत मिलेगी। हाट बाजार का सिलसिला भी बंद नहीं होगा।
आमतौर पर छोटे कस्बे हो या फिर महानगर

कस्बों में एक सप्ताह में एक दिन हाट बाजार लगता है तो महानगरों में अलग अलग क्षेत्रों में सप्ताह में एक दिन हाट बाजार लगता है। सड़क पर लगने वाले इन बाजार में लोगों को दैनिक उपयोग की सभी वस्तुएं आसानी के साथ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाती है। दतिया शहर में हाट बाजार नहीं लगता था। बाहर से आए कुछ दुकानदारों ने रविवार को दतिया के विवेकानंद चौराहे पर दो चार दुकानें लगा कर हाट बाजार की शुरूआत की।

रविवार को बंद दुकानें के आगे खाली पड़ी सड़क या फुटपाथ पर दुकानें सजा कर सस्ता माल बिकना जैसे ही शुरू हुआ। स्थानीय दुकानदार भी इसमें शामिल होने लगे। वर्तमान में कपड़ा, जूतों, सर्दी में स्वेटर, साड़ी सहित अन्य वस्तुओं की दुकानें यहां लगने लगी। लोगों की भीड़ भी इतनी की सीजन के दौरान विवेकानंद चौराहे से किला चौक तक पैदल चलना मुश्किल हो जाए।

कई बार उठी बाजार को शिफ्ट करने की मांग, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया

जैसे ही साप्ताहिक हाट बाजार का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने इसे शहर के आसपास शिफ्ट करने की भी चर्चाएं शुरू कर दी। ताकि चौराहे से किला चौक तक आवागमन में लोगों को असुविधा न हो। साथ ही बाहर व स्थानीय दुकानदारों को हॉट बाजार के रुप में सप्ताह में एक दिन अपने परिवार के भरणपोषण के लिए स्थानीय स्थान मिल जाए। स्थायी स्थान मिलने पर बाजार का स्वरूप भी और अधिक बढ़ जाता है। लेकिन नपा ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। परिणाम लोग लगभग 4 सौ से 5 सौ मीटर के दायरे में रविवार को भी ट्रैफिक की समस्या से जूझते रहते हैं।

निरंतर चलता रहेगा हाट बाजार
चूंकि हाट बाजार बंद दुकानों के सामने लगता है। ऐसे में जैसे ही त्योहारी का शादी विवाह की सहालगी ग्राहकी का दौर शुरू होता है। रविवार को बंद रहने वाली यह दुकानें भी कुछ सप्ताह के लिए खुलना शुरू हो जाती है। चूंकि जब दुकानें खुलती है तो दुकानदार फुटपाथ पर बाहर के दुकानदार हो या फिर स्थानीय उन्हें फुटपाथ पर दुकानें नहीं लगाने देते । ऐसे में कुछ समय के लिए हाट बाजार भी बंद हो जाता है। ग्राहकी के दौर में फुटपाथ पर व्यापार करने वाले दुकानदार ही कमाई नहीं कर पाते।

दुकानदारों को व्यापार तो लोगों को मिलेगी खाली सड़क, आवागमन में होगी आसानी
नपा अगर रविवार को लगने वाले हाट बाजार को बग्गी खाना प्रांगण या फिर तलैया मोहल्ला में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर हाट बाजार को व्यवस्थित कर देती है तो हाट बाजार में दुकानें लगाने वाले दुकानदारों को साल भर व्यापार मिलेगा।

दूसरी ओर सड़क किनारे से हाट बाजार शिफ्ट हो जाने से लोगों को सड़कें खाली मिलेगी। जिससे सप्ताह में एक ही दिन सही, लोग खाली सड़कों पर बगैर किसी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझते हुए आवागमन कर सकेंगे। लेकिन नपा इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं।

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