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जल संकट:गाता के लोगों को 3 किमी दूर से लाना पड़ रहा पानी, 8 हजार से ज्यादा लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा

गोहद11 दिन पहले
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मीठा पानी लेकर आते हुए ग्रामीण । - Dainik Bhaskar
मीठा पानी लेकर आते हुए ग्रामीण ।
  • नल जल योजना के तहत गांव में 10 साल पहले कराया था बोर, पानी खारा निकलने से परेशानी

मेहगांव क्षेत्र के गाता गांव के लोगों को पीने के लिए यहां के लोगों को तीन-तीन किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इन दोनों क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या भी लोगों को परेशान किए है। जिसके कारण करीब 8 हजार से अधिक लोगों को हर रोज पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गौरतलब है कि दस साल पहले मीठे पानी के लिए शासन द्वारा गांव में नलजल योजना के तहत स्कीम बोर कराया गया था। साथ ही पूरे गांव में पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन बोर में खारा पानी निकलने से लोगों की समस्या का हल नहीं हो सकता।

वहीं लोगों को रोजाना मीठे पानी के लिए गांव से बाहर तीन किमी दूर खेतों में मौजूद कुओं पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पानी संकट को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन सुनवाई नहीं होने से मीठे पानी का संकट सालों से बरकरार है।

नई पाइप लाइन को पुराने पंप हाउस से जोड़ा
शासन ने फिर एक बार गांव में ग्रामीणों को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए नई नलजल योजना का काम शुरू किया। लेकिन ठेकेदार ने गांव में पानी की सप्लाई के लिए बिछाई गई नई पाइप लाइन को नए स्कीम बोर से न जोड़ते हुए पुराने पंप हाउस से जोड़ दिया है। जिसको लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं।

ग्रामीण रामजीलाल चौहान, अरविंद चौहान, उदल सिंह भदोरिया, राहुल दीक्षित आदि का कहना है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के प्रचार के दौरान मंत्री ओपीएस भदौरिया ने आश्वासन दिया था कि चुनाव बाद गांव में पानी की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। लेकिन दोनों चुनाव होने के बाद भी जलसंकट को लेकर गांव में हालात पहले की तरह जस के तस बने हुए हैं। नई पाइप लाइन को पुराने पंप हाउस से ठेकेदार द्वारा जोड़े जाने के साथ ही हम लोगों की मीठे पानी की आशा ही अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।

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