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कोरोना वॉरियर:कोरोना ने छलनी कर दिए थे फेफड़े, आत्मविश्वास से दी संक्रमण को मात

राहुल अग्रवाल । गोरमीएक महीने पहले
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  • गंभीर संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति, हाई प्रोटीन खाना और आयुर्वेदिक काढ़े से कोरोना को हराने वालों की कहानियां, उन्हीं की जुबानी

देश में इस समय कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए घातक साबित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग काल का ग्रास बन रहे हैं। मगर, ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में हैं, जिन्होंने इस बीमारी का मजबूत आत्मविश्वास के साथ मुकाबला किया और पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे।अब संक्रमित लोगों को कोरोना से भयभीत न होकर मन में हिम्मत और आत्मविश्वास बनाए रखनें के लिए कह रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोगाें ने शुक्रवार को अपने अनुभव दैनिक भास्कर से साझा किए।

फेंफड़ों में 70 फीसदी इंफेक्शन था, हाई प्रोटीन खाने के साथ नियमित योग किया, अब पूरी तरह स्वस्थ
गोरमी नगर के वार्ड-10 निवासी सुनील भारद्वाज(50) बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर जैसे ही शुरू हुई तो परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मैं भी बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतने लगा, उसके बाद भी मुझे खांसी और जुकाम हो गया। काेविड टेस्ट कराया, 18 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मेडिकल जांच में फेंफड़ों में 70 फीसदी इंफेक्शन हो चुका था।

इसके बाद भी उन्होंने दिमाग में कोविड का डर हावी नहीं होने दिया। 6 दिन ग्वालियर के बिरला हॉस्पिटल में इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर मैं घर लौटा, लेकिन इलाज के दौरान मैंने डॉक्टराें की सलाह पर अमल करते हुए भोजन में हाई प्रोटीन वाले पदार्थ लिए साथ में अनलोम-विलोम योग क्रिया करता रहा। साथ ही मैं यह अवश्य कहना चाहूंगा कि,कोरोना से घबराएं नहीं मगर इलाज में देरी न करें। आवश्यक हो तो तुरंत अस्पताल में भर्ती हों।
दादाजी ने बढ़ाया विश्वास, 14 दिन तक हवन और योग से घर पर ही रहकर कोरोना संक्रमण को हराया
गोरमी नगर के वार्ड-4 निवासी सत्यव्रत सिंह यादव(28) ने बताया कि 20 अप्रैल को मुझे हल्की खांसी के साथ बुखार आया तो मैंने काेविड जांच कराई, जांच रिपोर्ट पॉजिटिव उस दौरान मेरे फेंफड़ों में 70 फीसदी इंफेक्शन हो चुका था। संभवतः मुझे किसी पॉजिटिव के संपर्क में आने से कोरोना ने जकड़ लिया था। संक्रमित होने के बाद डॉ. एबी भारद्वाज के कहने पर मैं होम आइसोलेट हाे गया।

उस समय मन में कोरोना को लेकर डर और भय था, लेकिन मेरे दादाजी मानसिंह ने मेरी हिम्मत और आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए कमरे में हवन और योग करने के लिए कहा। जिसके बाद 14 दिन तक मैंने नियमित हवन किया और ऑक्सीजन लेवल के लिए दादाजी द्वारा बताए गए योग किए। एलोपैथी दवा के साथ आयुर्वेदिक काढ़ा लिया। आत्मविश्वास के कारण ही मैं कोरोना जंग जीत सका।
कोरोना के डर को खुद पर हावी नहीं होने दिया, 15 दिन में 76 साल की उम्र में जीत ली कोरोना से जंग
वाटर वर्क्स(लक्ष्मी नगर) निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक राजेंद्र जैन (76) ने बताया कि 76साल में खांसी बुखार से पीड़ित हुए तो उन्होंने काेविड टेस्ट कराया, रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मेडिकल जांच में फेफड़ों में 60 फीसदी इंफेक्शन था। इसके बाद मैंने अपने दिमाग में कोविड के डर को हावी नहीं होने दिया। 15 दिन के इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर घर आए।

बीमारी के दौरान खाना खाने की इच्छा खत्म हो चुकी थी इसलिए सादा पानी की जगह नारियल पानी का उपयोग ज्यादा किया। अस्पताल में भर्ती के दौरान दाल का सेवन किया। अब स्वस्थ होकर सामान्य दिनचर्या अपना रहा हूं। खाने पीने में सादा भोजन ले रहा हूं। मेरा मानना है कि मजबूत इच्छाशक्ति हो तो बड़ी से बड़ी से समस्या का हल निकल आता है। लोगों से भी मेरा कहना है कि संक्रमित होने पर डर को हावी न होने दें, बिलकुल स्वस्थ हो जाएंगे।

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