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आयोजन:कृष्ण-सुदामा जैसी होना चाहिए मित्रता:शास्त्री

गोरमी19 दिन पहले
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अकलौनी गांव में हनुमान मंदिर पर चल रही भागवत कथा में आखिरी दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित रामनिवास शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि मित्रता तो जीवन में सुदामा जैसी होनी चाहिए। सुदामा कृष्ण भगवान के बीच की मित्रता ही श्रेष्ठ है ऐसी मित्रता को जीवन में हमेशा निभाते रहना चाहिए।

श्रीकृष्ण भगवान सुदामा की याद में ऐसे रोए कि उनकी आंखों से रोते-रोते आंसुओं की झड़ी लग गई। देखी सुदामा की दीन दशा करुणा करके करुणानिधि रोए, पानी परात को हाथ छुयों नहीं नैनन के जल से पग धोए । ऐसी स्थिति में भगवान ने सुदामा के प्रति अपनी मित्रता का फर्ज निभाते हुए सुदामा का जीवन बदला।

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