गाज गिरी:बाढ़ प्रभावित परिवारों की 3 महीने बाद भी, सर्वे सूची उपलब्ध नहीं कराने वाले पटवारी को हटाया

कराहलएक महीने पहले
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  • एसडीएम ने पटवारी को तहसील कार्यालय में किया अटैच
  • हल्का नंबर 33 के पटवारी को दिया चार्ज

अतिवृष्टि और बाढ़ आपदा में प्रभावित परिवारों की 3 महीने बाद भी सर्वे सूची उपलब्ध नहीं कराने पर हल्का नंबर 32 के पटवारी पर कार्रवाई की गाज गिर गई। कराहल तहसीलदार के प्रतिवेदन पर एसडीएम ने पटवारी को हटाते हुए उसे तहसील कार्यालय में अटैच कर दिया। हल्का नंबर 33 के पटवारी को हल्का नंबर 32 का चार्ज दिया गया है। यहां बता दें कि जिले में 2- 3 अगस्त की रात हुई भारी बारिश और बाढ़ आपदा में प्रभावित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए पटवारियों को सर्वे करने के निर्देश दिए थे।

कराहल के हल्का नंबर 32 में यह जिम्मेदारी पटवारी अशोक कुशवाह को दी गई। लेकिन 3 महीने गुजर जाने के बाद भी पटवारी ने तहसीलदार को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी। ऐसे में प्रभावित परिवार तहसील और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटते हुए मुआवजा राशि की मांग कर रहे थे। प्रभावित परिवारों को राशि नहीं मिलने पर विजयपुर विधायक सीताराम आदिवासी ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में शिकायत करने की बात कही थी। इसके बाद एसडीएम लोकेंद्र सरल ने तहसीलदार मनीषा कौल से रिपोर्ट मांगी। तहसीलदार ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि पटवारी अशोक कुशवाह के द्वारा यह रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी गई है। इसके बाद एसडीएम सरल ने पटवारी को उसके हल्के से हटाते हुए तहसील कार्यालय में अटैच किया जबकि उसकी जगह हल्का नंबर 33 के पटवारी राकेश अग्रवाल को यह चार्ज सौंपा गया है।

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