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लापरवाही:सफाई कर्मचारी वार्डों में सड़क किनारे ही लगा रहे गंदगी के ढेर, शिकायत पर भी नहीं सुन रहे अफसर

कराहल16 दिन पहले
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सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कराहल के मुख्य बाजार में लग रहा गंदगी का ढेर। - Dainik Bhaskar
सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कराहल के मुख्य बाजार में लग रहा गंदगी का ढेर।
  • कराहल के आदिवासी मुख्यालय पर मुख्य मार्गों पर लग रहे गंदगी के ढेर

ट्राइबल मुख्यालय कराहल कस्बे में बस्तियों में सफाईकर्मी सफाई करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। 20 वार्डों में विभाजित कस्बे की सफाई व्यवस्था पंचायत के 20 सफाई कर्मियों के हवाले होने के बावजूद सफाई की तस्वीर नहीं बदल पा रही है। कहने को कस्बे के चार मोहल्लों में सफाई होती है लेकिन 23 मोहल्ले आज भी गंदगी से अटे पड़े रहते हैं। वहीं सफाईकर्मियों के द्वारा कचरा सड़क किनारे फेंका जा रहा है जो कि बारिश के मौसम में गीला होकर और सड़कों पर बह रहा है और उसकी सड़ांध से आसपास में रहने वाले लोगों का रहना तक दूभर हो रहा है।

बारिश के सीजन में नालियों की सफाई नहीं होने से कस्बे की सभी नालियां पॉलीथिन से अटी हैं। हल्की सी बारिश होने पर कचरा नालियों से बहकर सड़कों पर आ जाता है। इसके साथ ही सफाईकर्मियों के प्रत्येक वार्ड से कचरा उठाने के लिए प्रत्येक सफाईकर्मी को हाथ से कचरा ढोने वाली गाड़ियों का वितरण भी किया गया है और कचरा कलेक्शन के वाहन भी वार्डों में घुमाने के लिए कराहल में मौजूद हैं, लेकिन कचरा कलेक्शन करने वाले सभी संसाधन कबाड़ में पड़े हुए हैं। कस्बे की सफाई व्यवस्था को लेकर कई बार ग्राम सभा की बैठक में मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन हालात जस के तस हैं। बता दें कि 20 बार्डों में हर बार्ड में 1-1 सफाई कर्मी नियुक्त है, बावजूद इसके यहां 16 वार्ड गंदगी से भरे पड़े हुए हैं।

74 लाख की कचरा निपटान की योजना फिर भी रिहायशी बस्तियों में लग रहे कचरे के ढेर
ट्राइबल ब्लॉक में कराहल में तरल व ठोस कचरा पदार्थ के निपटान के लिए 74 लाख की योजना बनाई गई थी। स्वच्छता मिशन में मनरेगा तहत तीन साल पूर्व बनी इस योजना की डीपीआर को शासन की मंजूरी नहीं मिली। वर्तमान में पूरा कस्बा कूड़ादान में तब्दील हो गया है। कस्बे में निवासरत लगभग 15 हजार लोगों की आबादी कचरे के ढेर में रह रही है। रिहायशी बस्तियों में निवासरत तीन हजार घरों का कचरा खाली पड़े प्लाटों में फेंका जा रहा है।

सिर्फ एक-दो मोहल्ले में ही होती है सफाई, अन्य जगहों पर कचरा
नगर के पालीवाल चौक, ब्राह्मण मोहल्ला, मैन बाजार, करियादेह तिराहे सफाई कर्मी सफाई करते देखे जा सकते हैं। पूरे गांव में सफाई यहीं होती है। जबकि आदिवासी बस्ती में निवास करने वाले लोगों का कहना है कि जहां सरपंच रहते हैं वहीं गंदगी के ढेर लग रहे हैं। पंचायत द्वारा हमारे लिए सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।

कॉलोनियों में कचरा फेंकने का स्थान तय नहीं हुआ
पंचायत की संजय कॉलोनी में तो हालात और भी खराब हैं। वहीं गांव में नाली न होने से घरों का पानी सड़कों पर ही दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि पंचायत में साल भर पहले सफाई का मुद्दा उठा था। तब सरपंच नंदकिशोर आदिवासी ने गांव की बस्तियों में सफाई कराने की बात कही थी। साथ ही कुछ दिनों तक यहां सफाई कर्मी सफाई करने के लिए पहुंचे थे। वर्तमान में पंचायत का कोई भी सफाईकर्मी यहां सफाई करने के लिए नहीं पहुंच रहा है।

नालियों की गंदगी के ढेर हटा दिए जाएंगे
हमने पहले एक महीने का अभियान चलाया था। अब ज्यादा बारिश होने की वजह से अभियान की रफ्तार थम गई है। जल्द ही दोबारा गांव में हम सफाई अभियान शुरू कर देंगे। नगर की सभी नालियों की गंदगी के ढेर हटा दिए जाएंगे। -संदीप तोमर, प्रभारी सचिव, कराहल

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