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मौत के बाद हंगामा:बीएमओ के क्लीनिक पर इलाज के बाद किशोर की मौत; सदमे में पिता बीएमओ की कार के नीचे लेट गए, बोले- बेटे को मारा, मुझे भी मार दो...

कराहल13 दिन पहले
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कराहल थाने में खड़ी बीएमओ की कार के नीचे लेटा मृतक का पिता। - Dainik Bhaskar
कराहल थाने में खड़ी बीएमओ की कार के नीचे लेटा मृतक का पिता।
  • कराहल सामुदायिक केंद्र के बीएमओ ने अपने निजी क्लीनिक पर किया इलाज, मृतक के परिजन का आरोप- गलत इलाज से हुई मौत
  • कराहल के चार खंभा निवासी किशोर को रैफर करने के बाद क्लीनिक बंद कर थाने भागे बीएमओ, क्योंकि पता था कि हो सकती है मौत बीएमओ का दावा... 25 दिन से आ रहा था बुखार, झोलाछाप से करा रहे थे इलाज, किशोर के पिता बोले- सिर्फ दो दिन से बीमार था बेटा

कराहल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) ने अपने निजी क्लीनिक पर एक किशोर का इलाज किया और घर भेज दिया। इलाज के बाद किशोर की तबीयत बिगड़ गई तो परिजन उसे दोबारा क्लीनिक पर ले गए ताे बीएमओ ने किशोर को गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल जाने के लिए कह दिया।

जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही किशोर की मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने हंगामा खड़ा कर दिया। परिजन का आरोप है कि बीएमओ द्वारा किए गए गलत इलाज से उनके बेटे की मौत हुई है। बेटे मौत के सदमे में पिता बीएमओ की कार के नीचे लेट गए और बीएमओ से कहने लगे- अब मुझे भी कार चढ़ाकर मार दाे। कराहल के चार खंभा निवासी संजय गुर्जर (17) को उसके पिता रामप्रसाद उर्फ तेजा गुर्जर मंगलवार को कराहल बीएमओ डॉ. राजेंद्र कुमार प्रजापति के करियादेह स्थित निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे।

संजय के पिता रामप्रसाद गुर्जर ने बताया कि दो दिन पहले ही बेटे संजय को बुखार आया था, इस पर वे बीएमओ के क्लीनिक पर मंगलवार को ले गए लेकिन इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे घर ले जाने के लिए कह दिया। जब वे संजय को घर लेकर पहुंचे तो उसकी तबीयत और बिगड़ गई। वे दोबारा उसे लेकर बीएमओ के क्लीनिक पर पहुंचे ताे उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन उसे वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए, जहां दूसरे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक संजय।
मृतक संजय।

रैफर करने के बाद अपनी सुरक्षा के लिए क्लीनिक बंद कर थाने भागे बीएमओ

संजय को रैफर करने के बाद बीएमओ प्रजापति क्लीनिक बंद कर भागने लगे, यह देख संजय के पिता ने उनसे साथ चलने की बात कही तो वे दवाई लेने का बहाना बनाकर निकल गए। इसके बाद परिजन निजी वाहन से संजय को लेकर जिला अस्पताल के लिए निकले लेकिन बीएमओ डॉ. प्रजापति दवाई लेने नहीं, बल्कि थाने जा पहुंचे। इससे स्पष्ट है कि उन्हें पहले से ही अंदेशा था कि इलाज के बाद किशोर की मौत होगी। इसलिए वे अपनी सुरक्षा के लिए पहले ही थाने पहुंच गए। जब भास्कर संवाददाता ने बीएमओ से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि इलाज गलत नहीं था, लेकिन ग्रामीण नहीं समझते। वे कुछ भी कर सकते थे, इसलिए वे थाने गए।

बीएमओ की कार के नीचे लेटे पिता, कहा- अब मुझे भी कार चढ़ाकर मार दो

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संजय के मृत घोषित होने के बाद उसकी मां सहित अन्य परिजन विलाप करने लगे। इसके साथ ही संजय के पिता कराहल थाने पहुंच गए जहां पहले से बीएमओ मौजूद थे और उनकी कार वहीं खड़ी थी। बेटे की मौत से सदमे में आए रामप्रसाद गुर्जर बीएमओ की कार के नीचे लेट गए और बीएमओ से कहने लगे- मेरे बेटे को तो मार दिया, अब मुझे भी कार चढ़ाकर मार दो। पुलिस व अन्य ग्रामीणों ने उन्हें समझाकर कार के नीचे से निकाला। इसके बाद पुलिस को बीएमओ के खिलाफ शिकायती आवेदन देकर एफआईआर की मांग की।

विधायक ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा

घटना और हंगामे की सूचना मिलने पर विजयपुर से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी कराहल थाना पहुंचे। उन्होंने परिजन को ढांढस बंधाने के साथ ही मामले में कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही पुलिस से बात कर सही से जांच करने के लिए भी कहा।

बीएमओ बोले- 25 दिन से करा रहे थे झोलाछाप से इलाज, मृतक के पिता ने कहा- बीएमओ मनगढ़ंत कहानी बना रहे

बीएमओ डॉ. प्रजापति का कहना है कि संजय को 20-25 दिनों से बुखार था, जिसका इलाज परिजन झोलाछाप डॉक्टर से करा रहे थे। इस दौरान उसे पीलिया हो गया और वह एनीमिक हो गया। उन्होंने परिजन को काफी समझाया कि वह उसे लेकर जिला अस्पताल चले जाएं, पर वे नहीं माने। उन्होंने सिर्फ वही इलाज किया, जो अन्य मरीजों को देते हैं।

मृतक संजय के पिता रामप्रसाद गुर्जर का कहना है कि संजय को बुखार आए सिर्फ दो दिन हुए थे, ऐसे में उसे बाजार से लाकर दवाई दी थी। जब हालत नहीं सुधरी तो उसे बीएमओ के क्लीनिक पर लाए थे, जहां उनके गलत इलाज से बेटे की मौत हो गई। अब बीएमओ मनगढंत कहानी बना रहे हैं।

मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार बीएमओ

मेरा बेटा सिर्फ दो दिन से बीमार था, उसे बुखार था तो मैंने एक दिन उसे बाजार से लाकर बुखार की दवा थी। उसका बुखार नहीं उतरा तो बीएमओ के क्लीनिक पर लेकर गया जहां इलाज के बाद बीएमओ ने वापस घर भेज दिया, लेकिन उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और दस्त हो गए। दोबारा लाया तो उसे रैफर कर दिया, जहां रास्ते में उसकी मौत हुई। मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार बीएमओ हैं। -रामप्रसाद गुर्जर, मृतक के पिता

मेरे पास गंभीर हालत में लाए थे परिजन

संजय पहले से बहुत बीमार था। उसे बुखार होने के साथ पीलिया व एनीमिया था। उसका बीपी भी काफी नीचे चला गया था। परिजन 20-25 दिनों से उसका इलाज झोलाछाप डॉक्टर से करा रहे थे। जब मेरे पास लेकर आए तब उसकी हालत बहुत गंभीर थी। इसलिए मैंने उसे बमुश्किल परिजन को समझाकर रैफर किया। मेरे द्वारा कोई गलत इलाज नहीं किया गया। -डॉ. राजेंद्र कुमार प्रजापति, बीएमओ, कराहल

जांच के बाद कार्रवाई करेंगे

मामले में मृतक के परिजन का आवेदन आया है। मर्ग दर्ज कर लिया है। मौत का कारण पीएम रिपोर्ट से स्पष्ट हाेगा। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -ऋतुराज कुशवाह, थाना प्रभारी, कराहल

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