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जागरूकता:पेयजल की कमी न हो इसलिए ग्रामीण श्रमदान कर तालाब को कर रहे गहरा

कोलारसएक महीने पहले
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  • जनपद सीईओ ने तालाब पर किया श्रमदान, बोले- वर्षा जल संधारण के लिए करें गहरा

गर्मियां शुरू होते ही गांवों में जल स्तर कम होने लगा है, इससे कई गांवों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए कोलारस अनुविभाग की ग्राम पंचायत धुआं के ग्राम कुमरौआ के ग्रामीणों ने स्थाई समाधान के लिए गांव में सूखे पड़े कम गहरे छोटे तालाब का श्रमदान कर गहरा करना शुरू कर दिया है।

ताकि बारिश के दिनों में इस तालाब में लंबे समय तक जल संरक्षण हो सकें। इससे न केवल ग्रामीणों के मवेशियों को पीने के पानी की सुविधा होगी। बल्कि जलस्तर में भी कमी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसी उद्देश्य के साथ श्रमदान कर तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। खासबात यह कि ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर किए जा रहे तालाब गहरीकरण को सीईओ ऑफिसर सिंह गुर्जर द्वारा भी मौका मुआयना कर श्रमदान किया गया।

तालाब गहरी करण में श्रमदान करने के लिए ग्रामीण बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। वहीं श्रमदान करने पहुंचे सीईओ ने ग्रामीणों को श्रमदान के साथ-साथ कोविड़ से बचाव के लिए लोगों को इससे बचने के तरीके बताते हुए। इससे सावधान रहने की बात कही। इस मौके पर एपीओ विकास गोयल, उपयंत्री, सचिव सहित अन्य लोग मौजूद थे।

मशीन व ट्रैक्टर देकर भी किया जा रहा है सहयोग
पेयजल समस्या समाधान के लिए जनसहयोग से श्रमदान कर तालाबों का गहरीकरण शुरु कर जल शक्ति अभियान के शुरू कर दिया है। सीईओ गुर्जर द्वारा तालाब में श्रमदान कर ग्रामीणों से कहा कि तालाबों को श्रमदान कर गहरा करें। इसलिए इच्छुक नागरिक इसकी जो भी इच्छा हो वह इस मुहिम में मशीन, ट्रैक्टर व स्वयं श्रम दानकर सहयोग कर सकते हैं। इससे आगे होने वाली वर्षा के पानी को हम ज्यादा से ज्यादा स्टोर किया जा सके। इससे पानी की समस्या से निजात मिल सके।

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