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जलावर्धन योजना:पाइप लाइन बिछाने ठेकेदार ने सड़कें खोदकर छोड़ीं, लोगों का निकलना मुश्किल

करैराएक महीने पहले
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करैरा में पाइपलाइन खोदने के बाद क्षतिग्रस्त हुई नल की लाइन को नहीं किया दुरुस्त। - Dainik Bhaskar
करैरा में पाइपलाइन खोदने के बाद क्षतिग्रस्त हुई नल की लाइन को नहीं किया दुरुस्त।
  • करैरा में 75 करोड़ की जलावर्धन योजना आमजन के लिए बन रही परेशानी का कारण

नगर की जनता की प्यास बुझाने के लिए 75 करोड़ की लागत से मंजूर हुई जल आवर्धन योजना शुरू होने से पहले ही नगर वासियों के गले की फांस बनती जा रही है। नगर में जलावर्धन योजना का काम कॉन्ट्रैक्ट रियान वाटर प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया है। इसके तहत नगर में 75 किमी लंबी पाइप लाइन बिठाई जाना है। लेकिन रियान कंपनी ने यह काम पेटी कॉन्ट्रेक्टर पर छोटे मोटे ठेकेदारों को सौंप दिया है।

इससे नगर में बारिश के इस मौसम में नई मुसीबत खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि पेटी कॉन्ट्रेक्टर नियमों को ताक पर रखकर नगर में सड़कों की खुदाई का काम कर रहे हैं। इससे ना सिर्फ शहर की पेयजल व्यवस्था ठप हो गई है बल्कि बीएसएनएल व बिजली की केबल भी क्षतिग्रस्त हो जाने से नगर परिषद को करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है। नगर वासियों ने जनता के लिए असुविधा पैदा कर रहे ऐसे पेटी कॉन्ट्रेक्टर ऊपर कार्रवाई की मांग की है।

जलावर्धन की पाइप लाइन तीन फीट गहराई की जगह डेढ़ फीट पर बिछाई

रियान कंपनी द्वारा जिन पेटी कॉन्ट्रेक्टर से ठेके पर कार्य करवाया गया है, उन पेटी कॉन्ट्रेक्टर द्वारा जलावर्धन योजना का बेहद घटिया स्तर का काम कराया गया है। नगर में जहां 3 फीट खुदाई कर पेयजल योजना की पाइप लाइन बिछाई जाना थी उसकी जगह सिर्फ 1 से डेढ़ फीट खुदाई कर पाइप लाइन बिछाई गई है और बगैर प्रेशर टेस्टिंग के हजारों कनेक्शन कई वार्डों में कराए जा चुके हैं। इसका नतीजा अब करैरा की जनता को आने वाले दिनों में भुगतना होगा। खासबात यह है कि इन सब की शिकायत ईएनसी भोपाल को भी की जा चुकी है। लेकिन रेयान कंपनी और उसके पेटी कॉन्ट्रेक्टर की मनमानी बदस्तूर जारी है।

48 घंटे में खुदाई की गई सड़कों को दुरुस्त कराने का है नियम

नगर में जलावर्धन योजना के तहत चल रहे पाइप लाइन की खुदाई का कार्य छुटपुट कॉन्ट्रेक्टर की मनमानी की भेंट चढ़ गया है। हालात ये हैं कि नगर में कई स्थानों पर पेटी कॉन्ट्रेक्टर ने सड़कों की जेसीबी से खुदाई करवाकर पाइपलाइन तो बिछा दी। लेकिन इसके बाद खुदी पड़ी सड़कों को जस का तस छोड़ दिया, जो कि नगरवासियों के लिए अब हादसों का सबब बन चुकी है। जहां लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। हालांकि इस संबंध में चीफ इंजीनियर का कहना है कि नियमों के मुताबिक 48 घंटे के भीतर सड़क को दुरुस्त करना होता है। लेकिन यह लोग 1 माह बाद भी सड़कों को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं।

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