भारत मिशन लांच:पहली से आठवीं तक के 2 लाख बच्चे अब खेल खेल में सीखेंगे आधारभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान

मुरैना21 दिन पहले
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  • तीसरी कक्षा के प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई-लिखाई व अंक ज्ञान में निपुण करना उद्देश्य

नई शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चे अब खेल-खेल में आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान बढ़ाएंगे। इसके लिए हाल ही में निपुण भारत प्रोग्राम लांच किया है। गुरुवार को राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस कार्यक्रम को लेकर जिला शिक्षा केन्द्र के अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। प्रोजेक्ट के पहले चरण में जिले के 6500 शिक्षकाें काे प्रशिक्षित किया जाएगा। ट्रेंड शिक्षक स्कूली बच्चाें काे प्रशिक्षित करेंगे

निपुण भारत मिशन का उद्देश्य शिक्षा के साथ साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए बच्चों को एक सुलभ वातावरण प्रदान करना है, ताकि साल 2026-27 तक हर बच्चा कक्षा तीन तक पढ़ाई, लिखाई और अंकों के ज्ञान में जरूरी निपुणता हासिल कर सके। निपुण भारत मिशन की गतिविधियों को स्कूल शिक्षा और राज्य शिक्षा केन्द्र मूर्तरूप प्रदान करेंगे। वर्ष 2022 की शुरुआत के दाे-तीन महीनाें में ही स्कूल स्तर पर इस प्राेग्राम का लाभ दाे हजार सरकारी स्कूलाें के 2 लाख बच्चाें काे मिलना शुरू हाे जाएगा। वहीं निपुण भारत मिशन के तहत आगामी 14 सप्ताह तक पहली क्लास से लेकर आठवीं तक के बच्चों को किताब पढ़ना सिखाया जाएगा।

इसके बाद मूल्यांकन होगा कि पढ़ने व समझने के मामले में उनकी बौद्धिक क्षमता कितनी विकसित हुई है। वहीं निपुण भारत मिशन की शुरुआत प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में लाइब्रेरी शुरू करने से होगी। इसके लिए जिन प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में कक्ष व अलमारी उपलब्ध हैं उनमें बच्चों की रुचि की पुस्तकों को रखा जाएगा। जहां कक्ष व अलमारी भी उपलब्ध नहीं हैं ऐसे स्कूल में एक कमरे के अंदर दो दीवारों के बीच जीआई तार बांधकर उस पर बाल रुचि की पुस्तकों को लटका जाएगा ताकि बच्चे उसे अपनी रुचि व ऊंचाई के अनुपात में उतारकर पढ़ सकें।

मैगजीन को इस प्रकार लटकाना होेगा जिससे उसका मुखपृष्ठ बच्चों को साफ दिखाई दे सके। वहीं स्कूलों के शिक्षक पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक के छात्रों को चार प्रकार के वाचन की गतिविधियां कराएंगे। पहला मुखर वाचन होगा जिसमें बच्चों को जोर-जोर से बोलकर पढ़ें। इसके बाद बच्चों का ग्रुप बनाकर सह पाठन कराया जाएगा। तीसरे राउंड में बच्चों की जोड़ी बनाकर उनसे पाठन कराएंगे। चौथा चरण में स्वतंत्र वाचन की गतिविधियां होंगी।

रेत या राख पर बनवाएंगे वर्ण
जिला शिक्षा केन्द्र के परियोजना अधिकारी पंकज शर्मा के मुताबिक निपुण भारत मिशन के अगले चरण में यह मूल्यांकन किया जाएगा कि बच्चों ने क्या पढ़ा और क्या सीखा। अन्य गतिविधियों में रेत या राख पर बच्चों से अंगुली से वर्ण बनवाएंगे। आगे की गतिविधियों में बच्चों में कहानी की समझ विकसित करने के लिए उन्हें कोई एक शब्द देकर उससे संबंधित कहानी सुनाने के लिए कहा जाएगा। यह गतिविधि बच्चों को ग्रुप में बैठाकर कराई जाएगी ताकि अन्य बच्चों का शब्दकोष विकसित हो सके और बच्चों में बोलने की क्षमता डवलप हो।

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