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अधूरा वैक्सीनेशन:20 लाख आबादी, 80 दिन में 1.37 लाख काे ही लगा टीका, इनमें से 1.16 लाख ने नहीं लगवाया दूसरा डोज

मुरैनाएक महीने पहले
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  • 80 दिन में हमारे यहां 9% हेल्थ वर्कर, 33% फ्रंटलाइन वर्कर ने दूसरा डोज लगवाया ही नहीं
  • कुल मिलाकर अभी 33 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर का वैक्सीनेशन अधूरा है

कोरोना के खिलाफ निर्णायक जंग में वैक्सीन काे सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। मुरैना में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ और चरणबद्ध तरीके से पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू की गई लेकिन वैक्सीन तभी कारगर मानी जाती है, जब इसके दोनों डोज लग जाएं। इस मामले में मुरैना की स्थिति सबसे दयनीय है।

मुरैना में अभी तक हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर का ही 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन नहीं हो सका है। 7754 हेल्थ वर्कर में से 6210 ने ही वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया है यानि 9 प्रतिशत हेल्थ वर्कर को वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लग सका है। इसी प्रकार फ्रंट लाइन वर्कर में शामिल पुलिसकर्मी, निगमकर्मी, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं के वैक्सीनेशन की रफ्तार भी धीमी है। 7041 फ्रंटलाइन वर्कर ने वैक्सीन का पहला डोज लगवाया, इनमें से 5 हजार 98 ही दूसरा डोज लगवा सके हैं। कुल मिलाकर अभी 33 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर का वैक्सीनेशन अधूरा है।

60 वर्ष से अधिक उम्र वाले 76 हजार 58 को पहला डोज लगा, दूसरे डोज की रफ्तार धीमी
60 वर्ष से अधिक उम्र वाले 67 हजार 518 लाेगाें को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है लेकिन इनमें से 7 हजार 26 लोगों ने ही दूसरा डोज लगवाया है यानि 10.40 प्रतिशत लोगों का ही वैक्सीनेशन पूरा हो सका है। 89 प्रतिशत लोग अभी भी दूसरा डाेज लगवाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इनमें से 60 प्रतिशत लोग गंभीर बीमारी जैसे हार्ट, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की समस्या से पीड़ित हैं। इसी प्रकार 45 वर्ष से अधिक उम्र के 55 हजार 195 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है। इसके मुकाबले दूसरा डोज सिर्फ 2 हजार 578 लोगों को लगा है। यानि 4.67 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन कंप्लीट हुआ है।

80 दिन में 1.58 लाख लोगों को वैक्सीन के डोज लगे
जिलेभर में वैक्सीनेशन की कुल रफ्तार पर नजर डालें तो अभी तक 1 लाख 58 हजार 904 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। लेकिन इनमें से कंप्लीट वैक्सीनेशन यानि वैक्सीन का पहला व दूसरा डोज सिर्फ 21 हजार 212 लोगों को ही लग सका है, यह आंकड़ा चौकाने वाला है। 80 दिन में एक लाख 58 हजार 904 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है यानि हर रोज 1 हजार 986 लोगों को वैक्सीन लगाई गई, जो जिले की आबादी के मान से काफी कम है।

कहीं कोविशील्ड नहीं, कहीं कोवैक्सीन नहीं, मायूस लौट रहे बुजुर्ग
वैक्सीन लगाने के मामले में 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों की रफ्तार शुरुआत में तेज थी। 76 हजार से अधिक सीनियर सिटीजन को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है लेकिन इसके मुकाबले दूसरा डोज लेने वालों की संख्या सिर्फ 7 हजार से अधिक है। इसके पीछे वजह यह है कि 2 तरह की वैक्सीन लगाई गईं, कोवैक्सीन और कोविशील्ड। अब बुजुर्गों के सामने समस्या यह आ रही है कि जो वैक्सीन सेंटर बनाए गए हैं, वहां कई जगह कोवैक्सीन नहीं है तो कहीं कोविशील्ड। ऐसे में बुजुर्गों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

जौरा... शादी में जा रहे लोगों को उतारकर थाने में रखवाया वाहन

कोविड संक्रमण को रोकने के लिए जिलेभर में कोरोनो कर्फ्यू लागू है। इसकी मार एक शादी-समारोह में शामिल होने जा रहे परिवार पर पड़ी। शुक्रवार को दोपहर एमएस रोड से गुजर रही चार पहिया कार को जब एसडीओपी मानवेंद्र सिंह ने रुकवाकर चेक किया तो समें खमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं। अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर बैठे लोगों ने पूछने पर बताया कि वह एक शादी-समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। इस पर पुलिस जवानों ने फोरव्हीलर से सभी सवारियों को उतरवाकर पुलिस थाने में रखवाया। वहीं आरोपी गाड़ी मालिक के खिलाफ आपदा पबंधन अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई है।

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