छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर:जमीन का आवंटन अटका, स्कूल भवन नहीं बनने से 177 बच्चे बिजली की 11 केवी लाइन के नीचे पढ़ रहे

मुरैना10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

खुर्द प्राइमरी स्कूल का भवन नहीं बनने से 177 छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे सर्द हवाओं के बीच बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। बच्चों की जान जोखिम में है क्योंकि जिस स्थान पर स्कूल लगाया जा रहा है उसके ऊपर से बिजली की 11 केवी लाइन निकली है। किसी दिन तार टूटा तो हादसा हो सकता है। अभिभावकों ने जिला परियोजना समन्वयक को भेजी शिकायत में कहा है कि खुर्द में 2012 से संचालित प्राइमरी स्कूल के राज्य शिक्षा केन्द्र अब तक स्कूल भवन नहीं बनवा सका क्योंकि प्रशासन स्कूल बिल्डिंग के लिए 2021 बीतने तक जमीन उपलब्ध कराने में बैकफुट पर रहा है।

इस हाल में स्कूल में दर्ज 177 छात्र-छात्राओं की कक्षाएं अनुदान प्राप्त स्कूल के सिंगल जर्जर कमरे के पास खुली जगह पर लगाई जा रही हैं। जहां स्कूल संचालित हो रहा है उसके ऊपर से बिजली की 11 केवी लाइन निकली है लेकिन खतरे को महसूस करने के बाद भी स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। जनवरी महीने में न्यूनतम तापमान 8 पर उतर आया है, सर्द हवाएं चल रही हैं लेकिन बच्चों को खुले में पढ़ाना पड़ रहा है।

स्कूल भवन न होने से टॉयलेट व पेयजल की सुविधा भी नहीं है। खुर्द में मिडिल स्कूल न होने से हर साल कक्षा 5 पास करने के बाद 20 से 25 छात्राएं 4 किमी दूर घुसगवां में संचालित मिडिल स्कूल में पढ़ने नहीं जा पाती हैं क्योंकि दुर्घटना व असुरक्षा के कारण बालिकाओं को घुसगवां भेजने के लिए सहमत नहीं होते। इस कारण छात्रा पांचवीं पास करने के बाद ड्रापआउट करने को मजबूर हैं।

खबरें और भी हैं...