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मुरैना में वन विभाग की गोली से युवक की मौत:मौत से गुस्साए गांववालों ने वन विभाग की टीम को दौड़ाकर भगाया; समझाने पहुंचे BJP विधायक को बैरंग लौटाया

मुरैनाएक वर्ष पहले

मध्यप्रदेश के मुरैना में रविवार सुबह रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली का पीछा करने के दौरान वन विभाग की टीम ने गोली चला दी। गोली लगने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। ग्रामीण की मौत से भड़के गांववालों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। टीम में शामिल लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। उधर, ग्रामीण की मौत की सूचना के बाद स्थानीय विधायक कमलेश जाटव मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामने करना पड़ा। हालांकि विधायक का कहना है कि विरोध जैसी कोई बात नहीं है, मैं घटनास्थल पर पहुंचा था और लोगों का समझाकर वापस लौटा हूं।

उधर, इस मामले में नगरा थाना पुलिस ने उस वन अमले में शामिल 9 वन आरक्षकों के खिलाफ मृतक की हत्या करने का मामला दर्ज कर लिया है। सभी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस को जानकारी देते गांव के लोग।
पुलिस को जानकारी देते गांव के लोग।

यह है पूरा मामला
वन विभाग का अमला रविवार सुबह करीब 5 बजे गश्ती पर निकला था। रास्ते में उसे चंबल के रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली मिली। अमले ने ट्रैक्टर ट्राली का पीछा किया। इस बीच ट्रैक्टर चालक को भागने का जब रास्ता नहीं दिखा, तो वह ट्रैक्टर को लेकर नगरा क्षेत्र के अमोलपुरा गांव में लेकर घुस गया। सुबह का वक्त था। गांव के लोग दिनचर्या में व्यस्त थे। वन अमले ने ट्रैक्टर चालक को रोकने का कोई रास्ता न देख गोली चला दी। गोली गांव के बाहर शौच के लिए जा रहे महावीर सिंह तोमर के लग गई। इसके बाद गांव वाले आपा खो बैठे और उन्होंने वन अमले पर हमला कर दिया। इसके बाद खुद को बचाने के लिए वन विभाग की टीम के सदस्य सरकारी वाहन छोड़ भाग निकले। बताया जा रहा है कि टीम में 6 से 7 लोग शामिल थे।

गांव वालों ने लगाया जाम
ग्रामीण महावीर सिंह तोमर के मरने के बाद आक्रोशित लोगों ने पोरसा से अटेर जाने वाली सड़क को रोक कर जाम लगा दिया। जाम के दौरान रास्ते से निकल रही एक ओमनी वैन पर भी पथराव कर दिया जिससे वैन के कांच टूट गए।

गांव में जुटी भीड़।
गांव में जुटी भीड़।

मृतक के भाई का है कहना
मृतक महावीर के छोटे भाई गुरुवेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि फोरेस्ट विभाग के लोग गाड़ी लेकर ट्रैक्टर का पीछा कर रहे थे। गांव की तरफ जैसे ही ट्रैक्टर मुड़ा तो वन विभाग की टीम ने पहला फायर किया। ट्राली के टायर में गोली लगी। ट्राली खेत में फंस गई। इसके बाद विभाग की टीम ने दोबारा फायरिंग की जो मेरे बड़े भाई महावीर सिंह को लगी।

ग्रामीणों ने क्या कहा
अमोलपुरा निवासी एंदल सिंह ने बताया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर सुबह गांव में आया। इस दौरान पीछे से आ रहे वन विभाग की टीम ने दो फायर किया। विभाग के लोग फिर से फायरिंग करने लगे, हमने कहा कि फायर मत करो, आप लोग ट्रैक्टर ले जाओ। वे नहीं माने, उन्होंने फिर से फायर किया जो सीधा महावीर की छाती में लगी। गांव के लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।

क्षतिग्रस्त वन विभाग की बोलेरो।
क्षतिग्रस्त वन विभाग की बोलेरो।

हमारी टीम पर किया था हमला
इस संबंध में जब मुरैना वन विभाग के डीएफओ अमित निकम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनका वन अमला रोज की तरह गश्त करने गया था। रास्ते में उसे एक रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली मिली। ट्रेक्टर ट्राली का वन अमले ने रास्ता रोकना चाहा तो उसने ट्रैक्टर भगा दिया। वह भागकर अमोलपुरा गांव में घुस गया। वन अमले ने खेत में चालक को पकड़ लिया था। उसे व ट्रैक्टर ट्राली लेकर जाने लगे तो ग्रामीण आ गए और कार्रवाई में बाधा डालने लगे। ग्रामीणों को हमारे लोगों ने काफी समझाया लेकिन वह नहीं माने और उनके हथियार छीनने लगे। इसके बाद छीना झपटी में गोली चल गई। गोली चलने पर ग्रामीण अमले के सदस्यों को मारने दौड़े तो सभी सदस्य गाड़ी छोड़कर भाग आए।

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