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बजट की कमी:भोपाल-इंदौर के 4 रेल प्रोजेक्ट का बजट बढ़ा, ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज को सिर्फ 25 करोड़

मुरैना20 दिन पहले
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यात्रा किराया कम होने के कारण लोग नैरोगेज से सफर करना पसंद करते रहे। - Dainik Bhaskar
यात्रा किराया कम होने के कारण लोग नैरोगेज से सफर करना पसंद करते रहे।
  • ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए सिंधिया के पत्र के 15 दिन बाद भी नहीं बढ़ाया बजट
  • असर: बड़े रेल पुल और रेलवे स्टेशनों के निर्माण, पुराने ट्रैक को उखाड़ने, नया ट्रैक बिछाने का काम बंद

ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट के लिए 25 कराेड़ के बजट को बढ़ाकर 500 करोड़ नहीं किया गया है जबकि इंदौर व भोपाल की 4 रेल परियोजनाओं के बजट को जून के अंतिम सप्ताह में बढ़ा दिया गया ताकि वहां चल रहे काम में तेजी आ सके। बजट संकट के कारण रेल अधिकारियों ने रायरू से बानमोर के बीच चल रहे निर्माण कार्य मजबूरन धीमे करा दिए हैं।

राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 19 जून को रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट के बजट को बढ़ाने का आग्रह किया था लेकिन 15 दिन बाद भी रेलवे बोर्ड ने 25 करोड़ के बजट को बढ़ाकर 500 करोड़ नहीं किया है। इससे जाहिर है कि चंबल-ग्वालियर के कद्दावर नेताओं की केंद्र सरकार में परोक्ष उपेक्षा की जा रही है। चौंकाने वाली बात है कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जून महीने में मुरैना के 3 दौरे कर चुके हैं लेकिन उन्होंने ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन, रेलवे के अफसरों से इस संंबंध में कोई चर्चा नहीं की। स्पष्ट है कि केंद्रीय मंत्री तोमर की रुचि न होने के कारण 3000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को समयसीमा में पूरा कराने के लिए रेलवे ने भी पर्याप्त बजट नहीं दिया। इस हाल में रेलवे के अफसर 25 करोड़ में जितना काम हो सकता है, उतना काम कराने काे मजबूर हैं।

चंबल-ग्वालियर की उपेक्षा का मतलब क्या

नैरोगेज रेल लाइन काे बड़ी लाइन में बदलने का श्रेय लेने के लिए केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने तत्कालीन राज्यसभा सदस्य प्रभात झा को साथ लेकर जौरा से श्योपुर तक छोटी रेल लाइन में बैठकर यात्रा की थी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस समय ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट की मंजूरी पर खुद की पीठ थपथपाई थी लेकिन दोनों कद्दावर नेताओं के दल अब एक ही होने के बाद भी ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट के लिए बजट बढ़ाने की दमदारी किसी ने नहीं दिखाई। कहने को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मुरैना के रहने वाले हैं लेकिन यात्रा सुविधा के विकास व विस्तार के मामले में वह भी ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट का बजट बढ़वाने की पहल नहीं कर रहे हैं।

कांग्रेस विधायक बोले- नैरोगेज ट्रेन शुरू हो

सबलगढ़ से कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह का कहना है कि है कि जब तक ग्वालियर-श्याेपुर रेल प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त फंडिंग नहीं होती तब तक नैरोेगेज ट्रेन को चलाया जाए ताकि लोगों को यात्रा सुविधा मिलती रहेगी। सुमावली विधायक अजब सिंह का कहना है कि 3000 करोड़ का ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट बजट मिलने के बाद भी चार साल में पूरा होगा तब तक छोटी रेल का संचालन शुरू किया जाए ताकि कम आय वर्ग के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलती रहे। मुरैना से कांग्रेस विधायक राकेश मावई का कहना है कि ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट के लिए बजट बढ़ाने में केन्द्र को क्या व्यवहारिक कठिनाई आ रही है इस पर रेल मंत्री का बयान आना चाहिए।

बजट बढ़ाए या नैरोगेज ट्रेन चालू करे सरकार

  • जिला पंचायत सदस्य सबलगढ़ कमल रावत का कहना है कि ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट को लेकर दैनिक भास्कर का अभियान उचित समय पर उचित पहल है। सबलगढ़ अंचल के जिन किसानों की जमीन रेलवे ने अधिग्रहण के लिए चिह्नित की है उन पर प्रशासन ने पत्थर की मुड्‌डी तो डेढ़ साल पहले लगा दी लेकिन किसानों को मुआवजा अब तक नहीं दिया। किसान अपनी जमीन को न बेच पा रहे और न ही उन्हें रेलवे पैसा दे रही।
  • कैलारस नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक तिवारी का कहना है कि नैराेगेज रेल लाइन के किनारे की बस्तियों में बिजली की लाइन नहीं पहुंच पा रही है। समस्या है कि रेलवे इसकी अनुमति नहीं दे रही है। बड़ी लाइन बिछाने के लिए रेलवे 500 करोड़ का बजट मंजूर करे या छोटी रेल लाइन को तत्काल चालू करे।
  • जौरा के पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्र का कहना है कि नैरोगेज ट्रेन श्योपुर से लेकर बानमोर तक के गरीब लोगों की लाइफ लाइन है। सरकार ने उसका संचालन तत्काल प्रभाव से शुरू करे। ब्रॉडगेज रेल प्रोजेक्ट को मंजूर कराने का श्रेय लेने जिन राजनेताओं ने नैराेगेज ट्रेन से यात्रा की वह बजट वृद्धि के मामले में चुप क्यों हैं।

जानिए... 4 कौन सी रेल परियोजनाएं जिनका बजट बढ़ाया

  • भोपाल से रामगंज मंडी कोटा रेल परियोजना के लिए 70 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था लेकिन उसे 24 जून को बढ़ाकर 500 करोड़ कर दिया। बजट मिलने से 276 किमी की इस परियोजना के काम की गति जाेर पक़ड़ेगी।
  • इंदौर से दाहोद नई लाइन बिछाने के लिए जनवरी के बजट में 20 करोड़ रुपए दिए गए थे जिसे जून में बढ़ाकर 70 करोड़ कर दिया गया।
  • महू से खंडवा गेज कन्वर्जन का काम 350 करोड़ से कराया जाना है। इस परियोजना के लिए हाल ही में 85 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
  • इंदौर-देवास-उज्जैन रेल प्रोजेक्ट के लिए 1000 करोड़ रुपए मंजूर हैं। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने जून महीने के अंतिम सप्ताह में 178 करोड़ का बजट और स्वीकृत किया है।
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