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प्रशासन की अनदेखी:जिले की सीमाएं सील करने का दावा, हकीकत-लाेडिंग में छिपकर दूसरे राज्याें सेे लाेग दिनभर मुरैना आते रहे

मुरैना13 दिन पहलेलेखक: रजनीश दुबे
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मंगलवार को धौलपुर से लोडिंग में छिपकर मुरैना आ रहे लोगों को रोकता पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को धौलपुर से लोडिंग में छिपकर मुरैना आ रहे लोगों को रोकता पुलिसकर्मी।
  • ग्वालियर-मुरैना के बीच पुरानी छावनी के बाॅर्डर पर भी यात्री वाहनों में सवार लोगों की नहीं हो रही जांच

मंगलवार की सुबह 9.40 बजे अल्ला बेली चेकिंग पाइंट। यहां पर राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं। ये पुलिसकर्मी वाहनों को तो रोक रहे हैं। वाहन चालकों को हड़का भी रहे हैं। लेकिन दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर इसके लिए कोई कर्मचारी भी तैनात नहीं है। चाैकी के सामने हाईवे के डिवाइडर पर लगे टेंट में एक सब इंसपेक्टर व दो सिपाही कोरोना ड्यूटी के दौरान धौलपुर व आगरा साइड से मुरैना आ रहे वाहनों को राेक रहे थे।

यात्री वाहन तो उस दौरान कोई गुजरा नहीं लेकिन लोडिंग वाहनों में सवार होकर लोग चोरी-छपे मुरैना जाते जरूर नजर आए। चूंकि लोडिंग वाहनों को पुलिस रोकती नहीं है। यह हाल तब है, जब एक मई से सख्त लॉकडाउन के तहत जिले की सीमाएं सील करने का दावा किया गया है। वहीं अप्रैल 2020 में कोविड संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने चंबल के 3 बॉर्डर समेत ग्वालियर की सीमा को भी सील कर दिया था। इस बार प्रशासन ने बॉर्डर पार कर मुरैना आ रहे बुंदेलखंड के श्रमिकों को उनके गांव तक भेजने व भोजन के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।

मध्यप्रदेश व राजस्थान के बीच चंबल राजघाट पर थर्मल स्क्रीनिंग नहीं, कलेक्टर-एसपी बॉर्डर चेक करने पहुंचे
मध्यप्रदेश व राजस्थान के बीच चंबल राजघाट पर प्रशासन ने सीमाएं सील करने का दावा किया है। कलेक्टर-एसपी बॉर्डर चेक भी कर आए हैं लेकिन मंगलवार को बॉर्डर सील नहीं था। लोडिंग वाहनों की आड़ में यात्री वाहनों की आवाजाही भी बॉर्डर तक थी। इससे जाहिर है कि मुरैना की तर्ज पर धौलपुर प्रशासन ने भी बार्डर काे लोगों का आवागमन के लिए खुला छोड़ रखा है। चंबल राजघाट से पहले अल्लाबेली चेक पाइंट पर लगाए गए टेंट में मंगलवार की सुबह 10.20 बजे तक प्रशासन का कोई नुमाइंदा वहां कोविड ड्यूटी पर नहीं था।

इसके चलते जो लोग बॉर्डर पार करके मुरैना की सीमा में प्रवेश कर रहे थे, उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करने के लिए कोई कर्मचारी बॉर्डर पर मौजूद नहीं था। पुलिस का कहना था कि एक शिक्षक की ड्यूटी लगी तो है लेकिन उसके पास तापमान लेने की मशीन उपलब्ध नहीं है।

वहीं ग्वालियर से मुरैना के बीच पुरानी छावनी क्षेत्र में बनाए गए चेकिंग पाइंट पर मंगलवार को थर्मल स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग का एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। बानमोर थाने के सिपाही जरूर ग्वालियर से मुरैना जा रहे बाइक व कार सवार लाेगों काे हड़का रहे थे। दूसरे जिले ग्वालियर से मुरैना में प्रवेश कर रहे लोगों की स्क्रीनिंग जैसा कोई सिस्टम इस चेक पाइंट पर नहीं था। जबकि सोमवार की शाम कलेक्टर बी कार्तिकेयन व एसपी सुनील पांडेय चेकिंंग पाइंट पर सख्ती बरतने के निर्देश देकर आए थे।

1000 से ज्यादा लोगों का मुरैना प्रवेश
जिले की चारों सीमाएं सील होने के प्रशासनिक दावे के बाद भी रोजाना 1000 से ज्यादा लोगों का अन्य जिलों व राज्यों से मुरैना जिले में प्रवेश हो रहा है। चंबल के अटार घाट व चंबल के उसैद घाट पर लोगों की आवाजाही अभी भी चल रही है। बीमारी का बहाना बनाकर या फेरा करने की बात कहकर लोग मंगलवार को भी मड़रायल से सबलगढ़ व पिनाहट से अंबाह-पोरसा तक पहुंचे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश की सीमा में आए लोगों का कोई रिकार्ड कोरोना ड्यूटी कर रहे लोगों के पास नहीं है।

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