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घोषणा:कमीशन व हम्माली का पैसा पर्याप्त नहीं, सोसायटियों ने समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीदने से किया इनकार

मुरैनाएक महीने पहले
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बुधवार काे कृषि उपज मंडी में बाजरा की खरीद करते व्यापारी।
  • सरकार की घोषणा के 7 दिन बाद भी जिले के 45 खरीद केंद्रों पर शुरू नहीं हुई समर्थन मूल्य पर बाजरा की खरीद

सहकारी संस्थाओं ने समर्थन मूल्य पर किसानों का बाजरा खरीदने से इनकार कर दिया है। क्योंकि शासन स्तर पर सोसायटियों को पर्याप्त कमीशन और हम्माली की राशि नहीं दी जा रही है। इसलिए सोसायटियों के प्रबंधकों ने मिलकर निर्णय लिया है कि वे इस बार किसानों का बाजरा समर्थन मूल्य पर खरीदने में असमर्थ हैं। इस संबंध में सहकारिता समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदने के ऐवज में 30 रुपए प्रति क्विंटल खर्चा आता है, लेकिन इसकी तुलना में उन्हें कमीशन के रूप में महज 8 रुपए दिए जा रहे हैं।

ऐसे में किसानों का समर्थन मूल्य पर किसानों का बाजरा खरीदना संभव नहीं है। मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने 21 अक्टूबर से किसान का बाजरा समर्थन मूल्य पर 2150 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने के न केवल आदेश जारी किए, बल्कि खरीद केंद्रों पूरी व्यवस्थाएं होने का दावा किया था। लेकिन जिले के 28400 किसानों को एसएमएस नहीं मिलने के कारण अब तक समर्थन मूल्य पर बाजरा की खरीद शुरू नहीं हो सकी है।

प्रदेश सरकार ने 21 अक्टूबर से 2150 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों का बाजरा समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा की है। जिला आपूर्ति विभाग द्वारा किसानों का बाजरा खरीदने के लिए 45 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन अभी तक मोबाइल पर एसएमएस नहीं मिलने के कारण बीते 7 दिन से जिले का एक भी किसान समर्थन मूल्य पर बाजरा नहीं बेच पाया। जबकि त्यौहार का समय होने, पढ़ाई-लिखाई वि विवाह के लिए किसानों को पैसे की आवश्यकता है।

समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना है 43 हजार मैट्रिक टन बाजरा
इस बार जिले में बाजरा की बंपर पैदावार हुई है। इस कारण जिला आपूर्ति विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर 43 हजार मैट्रिक टन बाजरा खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बता दें कि गत वर्ष बाजरा की क्वालिटी खराब होने के कारण समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हो सकी थी। इससे पहले वर्ष 2018-19 में 30 हजार मैट्रिक टन बाजरा की खरीद की गई थी। इस बार बाजरा खरीदी के लिए 28 हजार 400 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिनमें एक हजार किसान ज्वार व धान बेचने के लिए पंजीकृत हैं।

पर्याप्त कमीशन नहीं मिलने से बाजरा खरीदने में असमर्थ हैं
समर्थन मूल्य पर किसानों का बाजरा खरीदने के लिए शासन द्वारा कमीशन के रूप में मात्र 8 रुपए दिए जा रहे हैं। जबकि एक क्विंटल बाजरा खरीदने पर 30 रुपए खर्च होता है। शासन द्वारा दिए जा रहे कमीशन से हम्माली का खर्चा भी निकलता। ऐसे में हम खरीद केंद्रों पर किसानों का बाजरा खरीदने में असमर्थ हैं।
राजीव तोमर, जिला अध्यक्ष सहकारी कर्मचारी महासंघ

किसानों को आज से मिलना शुरू होंगे एसएमएस
बुधवार को कलेक्टर लेवल पर तीन किसानों को एसएमएस भेजे गए हैं। जो सैंथरा अहीर खरीद केंद्र पर बाजरा तुलवा रहे हैं। शेष बचे किसानों को गुरुवार को भोपाल स्तर से एसएमएस भेजे जा रहे हैं। रहा सवाल सोसायटियों को पर्याप्त कमीशन नहीं मिलने का। इस पर सरकार ने कमीशन बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिसके आदेश गुरूवार को हमें मिल जाएंगे। इसके बा सोसायटियों पर समर्थन मूल्य पर बाजरा की खरीद शुरू करा दी जाएगी।
बीएस तोमर, जिला आपूर्ति अधिकारी

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