पोरसा में कार्रवाई का विरोध:कर्फ्यू में खुली दुकानों में ताले डाले, व्यापारियों ने रेस्ट हाउस घेरा

मुरैना6 महीने पहले
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पोरसा रेस्ट हाउस का घेराब करते व्यापारी-दुकानदार। - Dainik Bhaskar
पोरसा रेस्ट हाउस का घेराब करते व्यापारी-दुकानदार।
  • प्रशासन ने दोपहर में पटवारियों से खुली दुकानों के वीडियो बनवाए, शाम को ताले लगाने का विरोध हुआ

जनता कर्फ्यू के दौरान गुरुवार को स्थानीय बाजार में 11 दुकानें खुली पाई गईं। वीडियो रिकार्डिंग के आधार पर ऐसी दुकानों में तहसीलदार राजकुमार नागौरिया ने शाम को ताले डाल दिए। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने शाम के समय रेस्ट हाउस घेर लिया और तालाबंदी का विरोध किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हंगामा शांत हाे सका।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को तहसीलदार राजकुमार नागौरिया ने पटवारियों की टीम बनाकर उन्हें बाजार की दुकानें चेक करने व खुले प्रतिष्ठानों के वीडियो बनाने के निर्देश दिए। पटवारियों ने पोरसा के बाजार में दोपहर 3 बजे तक 11 दुकानों को खुला पाया। किसी का शटर आधा खुला था तो किसी प्रतिष्ठान का पूरा। पटवारियों ने ऐसी दुकानों की वीडियो रिकार्डिंग कार्रवाई के लिए अपराह्न बाद तहसीलदार को पेश की तो तहसीलदार ने 11 दुकानों को 24 घंटे के लिए सील कर दिया।

प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए व्यवसायी एकजुट होकर रेस्ट हाउस पहुंचे क्योंकि वहां नए तहसीलदार नागौरिया रुके हुए हैं। दुकानदार दिनेश अग्रवाल का कहना था कि उनकी दुकान राधा कृष्ण मंदिर वाली गली में हैं। गुरुवार को हम दुकान के बाहर बैठे थे तभी अचानक तहसीलदार व उनके अन्य साथियों ने दुकान में ताला लगा दिया। बरगद चौराहे के पास भाईजान विंडो कूलर दुकान मालिक आमीन ने भी बंद दुकान में ताला लगाने पर विरोध जाहिर किया।

दुकानदारों का कहना था कि सहालग के कारण लोग सामान के लिए परेशान हैं। जाे लोग 40 साल से सामान लेने आ रहे हैं उनको विवाह-शादियों में हम सामान नहीं देंगे तो व्यवहार खराब हो जाएंगे। इसलिए प्रशासन को लॉकडाउन में कुछ तो छूट देना चाहिए। टीआई अतुल सिंह का कहना था कि लॉकडाउन शासन का निर्णय है इसलिए प्रशासन व पुलिस इसमें कोई बदलाव नहीं कर सकते।

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