सांप के दर्शन के लिए जुटे भक्त:द्वारिकाधीश के मुरैना आने पर शुरू हुईं लीलाएं, तालाब के किनारे बैठकर हजारों ने देखा नाग

मुरैनाएक महीने पहले

गुजरात के द्वारिका छोड़कर द्वारिकाधीश साढ़े तीन दिन के लिए मुरैना में दाऊजी मंदिर में आ गए हैं। इसको लेकर दाऊजी मंदिर में मेले की श्रीकृष्ण लीला की शुरुआत हो गई। कालिया नाग नथने के दौरान भक्त तालाब के किनारे पहुंचे। इस दौरान हजारों की भीड़ के सामने सांप तालाब में आया तो लोगों ने श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार हर दीपावली की पड़वा पर मुरैना के प्रसिद्ध दाऊजी मंदिर में भगवान आते हैं। इस दौरान द्वारिका में मंदिर के पट बंद रहते हैं। वहां पूजा नहीं होती है। दिवाली के अगले दिन पड़वा पर भगवान द्वारिकाधीश (श्रीकृष्ण) के आने की खुशी में मेला शुरू हो गया है।

ऐसी मान्यता है कि कालिया नाग प्रसंग के दौरान मंदिर के समीप बने तालाब में नाग आता है। सभी को दर्शन देकर वापस चला जाता है। लोग इसे बड़े भाग्य की बात मानते हैं। नाग को भगवान स्वरूप मानते हुए श्रद्धालु तालाब के चारों तरफ दर्शन करने के लिए बैठ जाते हैं। इसी क्रम में शुक्रवार शाम को पांच बजे के लगभग तालाब में सांप दिखाई दिया। लोगों ने उसके दर्शन किए और उसके बाद वह वापस पानी में चला गया। सांप का कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया।

रथ पर सवार होकर निकले बाल कृष्ण
इस मौके बाल कृष्ण के रुप में भगवान के स्वरूप दो बालकों को रथ में बैठाकर नाचते-गाते मंदिर परिसर में लाया गया। इस मौके पर सबसे आगे बांसुरी बजाते हुए भक्त चल रहे थे। रथ सहित बाल रुप में द्वारिकाधीश मंदिर के अंदर गए और वहां उनकी पूजा अर्चना की गई।

तालाब के चारों तरफ नागदेवता के दर्शन करने बैठे लोग।
तालाब के चारों तरफ नागदेवता के दर्शन करने बैठे लोग।

डोली में रखकर लाए नवजात को
द्वारिकाधीश भगवान का मंदिर के महंत स्वामी परिवार को वरदान मिला है कि शरद पूर्णिमा से लेकर दीपावली के बीच उनके परिवार में बच्चा जरूर जन्म लेगा। उसी वरदान के अनुसार स्वामी परिवार में जिस बच्चे ने जन्म लिया था। उसे डोली में रखकर और सिर पर रखकर गाजे-बाजे के साथ लाया गया। यहां मंदिर में ही उससे नाग नाथने की लीला कराई गई।

मेले में कई लोग सड़क पर लेट कर पिण्ड भरते हुए(परिक्रमा) करते हुए चल रहे थे
मेले में कई लोग सड़क पर लेट कर पिण्ड भरते हुए(परिक्रमा) करते हुए चल रहे थे

जगह-जगह हो रहे भंडारे
मेले के दौरान जगह-जगह भंडारे हो रहे हैं। यह देखने में आया कि सभी श्रद्धालुओं के मन में एक ही बात है कि मुरैना में द्वारिकाधीश आए हैं, जो कि उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मेला रात तक चलता रहा। श्रद्धालुओें का तांता लगा रहा। पांच दिन तक मेला चलता रहेगा। भगवान की सभी लीलाओं का आयोजन किया जाएगा।

मेले में चलते भंडारे।
मेले में चलते भंडारे।